बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाने वालों के साथ हुआ बड़ा धोखा, जानिए कैसे?

नई दिल्ली. क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा एक मामला सामने आया है. क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी एक कंपनी के संस्थापक का हैरान करने वाला कबूलनामा सामने आया है. इस कबूलनामे में उन्होंने अनजान निवेशकों को फंसाने और चपत लगाने की बात स्वीकार की है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  संस्थापक ने बताया कि वो अपनी कंपनी के जरिेए नए निवेशकों को $2.5 करोड़ (करीब 190 करोड़ रुपये) का चूना लगा चुका है.

क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी?-आपको बता दें कि क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल करेंसी होती है, जो ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है. इस करेंसी में कूटलेखन तकनीक का प्रयोग होता है. इस तकनीक के जरिए करेंसी के ट्रांजेक्शन का पूरा लेखा-जोखा होता है, जिससे इसे हैक करना बहुत मुश्किल है. यही कारण है कि क्रिप्टोकरेंसी में धोखाधड़ी की संभावना बहुत कम होती है. क्रिप्टोकरेंसी का परिचालन केंद्रीय बैंक से स्वतंत्र होता है, जो कि इसकी सबसे बड़ी खामी है.

अंग्रेजी के बिजनेस अखबार इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, रॉबर्ट फर्कास और उनके दो अन्य साथियों ने सेंट्रा टेक नामक कंपनी की स्थापना की. इसमें उनके साथ सोहराब शर्मा और रेमंड ट्रपनी भी शामिल हुआ. इन पर साल 2018 में धोखाधड़ी और वित्तीय जालसाजी का आरोप लगा था. उन्होंने निवेशकों को गुमराह किया था.

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