ऐप के जरिए लोन लेने वालों के लिए बड़ी खबर! RBI ने जारी किए नए नियम

मुंबई. मोबाइल ऐप के जरिये लोन बांटने वाली फिनटेक कंपनियों (Fintech Companies) पर सख्ती करते हुए RBI ने इन पर कई नियम और शर्तें लगा दी हैं. डिजिटल लोन सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ऐसा किया गया है. दरअसल ये निर्देश कई शिकायतों के बाद दिए हैं. इन शिकायतों में डिजिटल लेंडिंग प्‍लेटफॉर्म (Loan App) की ओर से जयादा ब्याज लेने और वसूली के कठोर तरीकों को अपनाने और अन्य उत्पीड़न की बात कही गई थी.

रिजर्व बैंक ने डिजिटल लोन एजेंट की तरह काम करने वाली ऐसी कंपनियों की गड़बड़ी पर बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को कड़ी हिदायत दी है. उसने कहा है कि ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म अगर कुछ फ्रॉड करते हैं तो उसके लिए भी बैंक और एनबीएफसी जिम्मेदार माने जाएंगे. रिजर्व बैंक ने इसके लिए बैंकों और एनबीएफसी को नए निर्देश जारी किए हैं.

क्या है RBI के नए निर्देश – RBI ने डिजिटल लेंडिंग प्‍लेटफॉर्मों से कहा है कि अपनी वेबसाइट पर बताएं कि वे किसी बैंक या एनबीएफसी की तरफ से तो कर्ज नहीं दे रहे हैं.

>> बैंकों, एनबीएफसी और ऐसे डिजिटल लेंडिंग प्‍लेटफॉर्मों से कहा गया है कि वे अपनी वेबसाइटों पर इस बारे में ग्राहकों को पूरी जानकारी दें.

>> बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) से वेबसाइटों पर अपने एजेंटों के नाम का खुलासा करने के लिए कहा गया है .

>> आरबीआई ने आगे कहा कि कर्ज की मंजूरी मिलने के तुरंत बाद कर्ज लेने वाले को बैंक या एनबीएफसी के लेटरहेड पर एक पत्र जारी करना चाहिए.

इस वजह से नहीं हो पाती है इन कंपनियों के खिलाफ शिकायत दर्ज-इन दिशानिर्देशों को जारी करते हुए आरबीआई ने कहा कि अक्सर डिजिटल लेंडिंग प्‍लेटफॉर्म अपने बैंक/ एनबीएफसी के नाम का खुलासा किए बिना खुद को उधार देने वाला बताते हैं. इसके चलते ग्राहक नियामक के तहत उपलब्ध मंचों का इस्तेमाल कर अपनी शिकायत दर्ज नहीं करा पाता है. इस खबर का अनुवाद मनीकंट्रोल से किया गया है.

 

 

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