2 करोड़ घूस मामले में केजरीवाल को बड़ी राहत, सीबीआई-लोकायुक्त से मिली क्लीन चिट

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नई दिल्ली: दो करोड़ नकद घूस लेने के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सीबीआई और लोकायुक्त ने बड़ी राहत दी है। दोनों ने स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस मामले में केजरीवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है, जिसके चलते अब उनके खिलाफ कोई जांच नहीं की जा सकती है। वहीं इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख केजरीवाल ने बीजेपी और कपिल मिश्रा पर जोरदार हमला बोला है। साथ ही पूछा है कि आखिर कपिल मिश्रा के सबूतों का क्या हुआ?

कपिल मिश्रा ने लगाय था दो करोड़ घूस का आरोप

दरअसल, आप के बागी नेता कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया था कि उनके सामने केजरीवाल ने सत्येंद्र जैन से 2 करोड़ रुपए लिए थे। कपिल मिश्रा को 6 मई, 2017 को पार्टी से निकाल दिया गया था जिसके अगले दिन ही उन्होंने मीडिया के सामने आकर केजरीवाल पर 2 करोड़ कैश लेने का गंभीर आरोप लगाया था।  लेकिन, कपिल ने यह बताने में इनकार कर दिया था कि यह रिश्वत किस समय दी गई।

क्या बोले थे कपिल मिश्रा?

कपिल मिश्रा ने कहा था कि उन्होंने दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्यूरो को इसके बारे में बताया था और फिर सीबीआई और लोकयुक्त के सामने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। जबकि इस मामले में सीबीआई को कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। लोकायुक्त ने भी कोई सबूत न होने बाद सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ इस मुकदम को बंद कर दिया है।

कपिल के सभी आरोप थे झूठे- आप

वहीं, आम आदमी पार्टी ने अब कपिल मिश्रा पर हमला बोल है। पार्टी प्रवक्ता और विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कपिल मिश्रा का झूठ उसी वक्त पकड़ा गया था जब उनसे पूछा गया कि किस वक्त और किस दिन वो सीएम आवास पर गए, तब उन्होंने सीबीआई को ही सबकुछ बताने की बात कहकर टालने की कोशिश की थी।

मीडिया पूछे बीजेपी और एलजी से सवाल- सौरभ

उन्होंने आगे कहा कि अब ‘मेरा मीडिया के सभी लोगों से अनुरोध है कि जिस प्रमुखता के साथ झूठे आरोपों की खबर चलाई थी, उसी प्रमुखता के साथ इस खबर को चलाएं, क्योंकि ये एक मुख्यमंत्री के ऊपर लगे रिश्वतखोरी के झूठे आरोपों का सवाल है। आप सभी को ये सवाल BJP, LG, कपिल मिश्रा सभी से पूछने चाहिए।’

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