हिन्दू आतंकवाद को लेकर हुआ बड़ा खुलासा, कांग्रेस नेता पर लगे कई गंभीर आरोप

नई दिल्ली: हिन्दू आतंकवाद एक ऐसा शब्द है जिसको लेकर विपक्षी पार्टियां केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और उसके सहयोगी हिंदूवादी संगठनों को आड़े हाथों लेते हुए हैं। लेकिन अब इस हिन्दू आतंकवाद को लेकर एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसके बाद मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस सवालों के घेरे में आ गई है। दरअसल, गृह मंत्रालय के पूर्व अवर सचिव आरवीएस मणि ने हिन्दू आतंकवाद को लेकर एक बड़ा खुलासा करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को आड़े हाथों लिया है।

दरअसल, पूर्व अवर सचिव ने दिग्विजय सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दिग्विजय सिंह ने ही हिन्दू आतंकवाद की झूठी कहानी गढ़ी थी और जिससे असली आतंकी बचने में सफल हो गए। उन्होंने यह आरोप एक न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान लगाए।

आरवीएस मणि ने कहा है कि मैंने पहले भी कहा है कि साल 2010 तक हिंदू आतंकवाद को लेकर उन्हें कोई आधिकारिक जानकारी नहीं थी। यहां तक कि बाद में ऐसी कोई चीज नहीं थी। मैंने एक किताब लिखी है, जिसमें मैंने साफ किया है कि किस तरह दिग्विजय सिंह ने हिंदू आतंकवाद की नींव रखी और इसे फैलाया।

पूर्व अधिकारी के अनुसार, हिंदू आतंकवाद के नाम पर सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने असली आतंकियों को बचाया। समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट के आरोपी आरिफ कासमानी, मक्का मस्जिद ब्लास्ट के आरोपी बिलाल भागने में सफल रहे थे। मणि ने बताया कि उन्हें दिग्विजय सिंह का राजनैतिक एजेंडा समझ नहीं आया, लेकिन हिंदू आतंकवाद जैसी कोई बात नहीं थी।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में दिग्विजय सिंह ने कहा है कि उन्होंने कभी भी हिन्दू आतंकवाद की बात नहीं की, बल्कि उन्होंने संघी आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल किया था। दिग्विजय सिंह ने कहा कि कोई भी आतंकी घटना को धर्म के आधार पर परिभाषित नहीं किया जा सकता। कोई भी धर्म आतंकवाद का समर्थन नहीं करता।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि बम ब्लास्ट करने वाले लोग संघ की विचारधारा से प्रभावित थे, फिर चाहे वो मालेगांव ब्लास्ट हो, मक्का मस्जिद ब्लास्ट, समझौता एक्सप्रेस या फिर दरगाह शरीफ ब्लास्ट। कांग्रेसी नेता ने कहा कि संघ हिंसा और घृणा का प्रचार करता है, जो कि बाद में आतंकवाद के रुप में प्रचारित होता है।

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