लोक आस्था के महापर्व छठ पर भक्तिमय हुआ बिहार, सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद

लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर राजधानी पटना समेत पूरा बिहार भक्तिमय हो गया है।

पटना: लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर राजधानी पटना समेत पूरा बिहार भक्तिमय हो गया है। बिहार समेत पूरे देश में बुधवार को छठ महापर्व की शुरूआत हो गयी है। बिहार सरकार ने छठ पर्व के मौके पर कोविड संक्रमण के प्रभाव को न्यूनतम बनाए रखने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसी कड़ी में पटना जिला प्रशासन ने लोगों से यथासंभव घर पर ही छठ पूजा करने की अपील की है।

राजधानी पटना समेत पूरे बिहार के लोग आज अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य देंगे, जिसके लिये जहां साफ-सफाई से लेकर सुरक्षा और अन्य तैयारियां पूरी कर ली गयी है वहीं छठ व्रतियों में उत्साह और रौनक देखते ही बन रही है । छठ की छटा आज पूरी राजधानी में छाई हुयी है। घर से लेकर घाट तक, गलियों से लेकर सड़कों तक… हर तरफ आकर्षक सजावट दिख रही है। पुलिस प्रशासन भी अलर्ट है।

छठ को लेकर राजधानी पटना समेत पूरे बिहार के घर-घर में छठ के गीत गूंजने लगे हैं। “ केलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मेड़राय, आदित लिहो मोर अरगिया., दरस देखाव ए दीनानाथ., उगी है सुरुजदेव., हे छठी मइया तोहर महिमा अपार., कांच ही बास के बहंगिया बहंगी लचकत जाय .. , गीत सुनने को मिल रहे हैं।

श्रद्धा, भक्ति एवं लोक आस्था का महापर्व छठ व्रत के सुरक्षित एवं सुचारू संपादन सुनिश्चित कराने हेतु प्रमंडलीय आयुक्त पटना संजय कुमार अग्रवाल ने विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया है। आयुक्त ने कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए छठ घाटों पर भीड़ भाड़ नहीं लगाने तथा छठ व्रतियों को यथासंभव अपने घर में ही छठ पूजा करने की अपील की है।

छठ घाटों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाया गया है। इसके लिए ट्रैफिक प्लान बना कर आम लोगों के बीच प्रचारित प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए लोगों को अनिवार्य रूप से मास्क का प्रयोग करने तथा दो गज की सामाजिक दूरी का पालन करने को कहा है।

छठ को लेकर नदियों में निजी नावों के परिचालन पर रोक लगाया गया है तथा नदी घाट पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम को एक्टिव मोड में रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने घाटों पर विधि व्यवस्था संधारण तथा शांतिपूर्ण पूजा के आयोजन हेतु पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया है।

कोरोना को देखते हुए इस बार प्रशासन ने सीमित घाटों पर ही छठ की व्यवस्था की है। पटना में गंगा घाटों पर छठ पूजा करने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से कई सुविधाएं मुहैया करायी गयीं हैं। छठ घाट पर पुख्ता चिकित्सीय इंतजाम रहेंगे। आपात परिस्थिति में एंबुलेस की मदद ली जा सकती है।पटना में छठ के लिए इस बार कुल 83 घाट और 71 तालाब में अर्घ्य देने की तैयारी की जा रही है। इन घाटों पर छठ करने के लिए लोगों को पैदल ही जाना होगा। साइकिल से लेकर तीन पहिया और चार पहिया वाहन से जाने पर रोक होगी। घाटों पर शौचालय, चेंजिंग रूम आदि बनकर तैयार हो गए हैं।

गंगा घाटों की बैरिकेडिंग की गई है। खतरनाक घाट को लाल कपड़े में दर्शाया गया है। हर घाट पर पुलिस बल तैनात है। घाटों तक वाहन नहीं जाने और पार्किंग की सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को इस बार गंगाजल लाने के लिए पैदल चलना पड़ेगा। प्रमुख घाटों पर गोताखोंरों के साथ पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है, जिससे किसी भी तरह की कोई अप्रिय घटना नहीं हो। राजधानी में गंगा घाटों की सुरक्षा पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। खासकर, किसी भी तरह की कोई भगदड़ न मचे, इसका ख्याल रखने की पूरी कोशिश जिला प्रशासन कर रहा है।

जिलाधिकारी रवि कुमार ने बताया कि नगर निगम के 75 टैंकर दूसरे वार्डों तक गंगा जल पहुंचा रहे हैं जिससे श्रद्धालु छठ पूजा का विधि-विधान पूरा कर सकें। घाटों पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें तैनात हैं। प्रत्येक घाट पर दंडाधिकारियों के साथ पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। उन्होंने लोगों से घरों में ही छठ पूजा करने की अपील की है, यदि वे घाट पर आते हैं तो 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नहीं लाएं। बीमार और वृद्ध लोगों को भी घाट पर नहीं ले जाएं। इतना ही नहीं अर्घ्य के दौरान डुबकी लगाने पर भी रोक लगा दी गई है।

जिलाधिकारी कुमार रवि की ओर से पटना के सिविल सर्जन को पत्र भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि कोरोना के संक्रमण को देखते हुए छठ घाटों पर थर्मल स्क्रीनिंग, सेनेटाइजर, मास्क और पीपीई किट उपलब्ध रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके। जिलाधिकारी कुमार रवि ने लोगों से अपील की है कि कोरोना के संक्रमण को देखते हुए गंगा के घाटों पर छठ नहीं करें। बेहतर होगा कि वे घर पर ही पूजा करें।

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