अंतरआत्मा की आवाज सुनकर बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा

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नई दिल्ली। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने इस्‍तीफा दे दिया है। लगातर चल रहे विवाद से परेशान होकर सुशासन बाबू ने यह कदम उठाया। अचानक नीतीश कुमार ने राज्‍यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात की और अपना इस्‍तीफा सौंप दिया।

इस्तीफा देकर नीतीश ने जीता पीएम मोदी का दिल

नीतीश कुमार ने इस्‍तीफा देकर सबको चौंकाया

बुधवार को जेडीयू विधायक दल की बैठक होने के बाद यह घटनाक्रम हुआ। जानकारी के मुताबिक इसी बैठक में नीतीश कुमार ने इस्तीफे का फैसला लिया है।

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नीतीश कुमार

सुशासन बाबू का बयान

नीतीश कुमार ने कहा कि मैं हमेशा विपक्षी एकता के पक्षधर रहे हैं लेकिन इसके लिए कोई एजेंडा तो होना चाहिए। इसके साथ ही अगर किसी मुद्दे पर हमें स्टैंड लेना हो चाहे नोटबंदी का मामला हो या राष्ट्रपति चुनाव तो इसकी आजादी तो होनी चाहिए। जिस बिहार में काम कर रहे हैं उसमें ऐसी स्थिति बन जाए जिसमें काम के बजाए कुछ और चर्चा हो रही तो अपनी अंतरआत्मा की आवाज पर तय किया कि ऐसी सरकार चलाना संभव नहीं है। हम विवाद की राजनीति नहीं करते इसलिए किसी को बर्खास्त नहीं किया।

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नोटबंदी का किया समर्थन

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हमने नोटबंदी का समर्थन किया तो मेरे ऊपर पता नहीं कैसे कैसे आरोप लगे। लेकिन साथ ही हमने कहा कि बेनामी संपत्ति पर हमला कीजिए। मैं हमेशा कहता रहा हूं कि अवैध तरीके से हासिल की गई संपत्ति के खिलाफ रहा हूं। नीतीश कुमार ने कहा कि मैंने राहुल जी से मुलाकात की, उनको अध्यादेश फाड़े जाने की बात की। हमने बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष से भी बात की लेकिन कुछ भी हल नहीं निकला।

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आरोपों पर सफाई देने की बात कही

लालू जी से मेरी बात हो रही थी, हमने उनसे आरोपों पर सफाई देने को कहा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। सरकार के अंदर के किसी व्यक्ति पर कोई आरोप लगे और हम कोई जवाब देने की स्थिति में ना हों तो फिर सरकार चलाना मेरे स्वाभाव के हिसाब से संभव नहीं है। नीतीश कुमार ने कहा कि हमने अपने स्तर पर पूरी कोशिश की।

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किसी का इस्‍तीफा नहीं मांगा

हमने किसी का इस्तीफा नहीं मांगा। लालू जी और तेजस्वी यादव से मांग की जो भी आरोप लग रहे हैं उन पर सफाई दीजिए। मैंने ये बात कही थी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। ऐसी परिस्थिति बन गयी कि काम करना मुश्किल हो गया। कई बार सोचने के बाद मेरा फैसला मेरे अंतर आत्मा की आवाज है.”राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि हमने महागठबंधन की सरकार को 20 महीने से ज्यादा चलाया है। जितना संभव हुआ गठबंधन धर्म का पालन करते हुए बिहार की जनता से चुनाव के दौरान जो बातें की उसी के मुताबिक काम करने की कोशिश की। इस माहौल में काम करना संभव नहीं था।

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तेजस्वी और लालू ने कहा था कि इस्तीफे नहीं देगे

बुधवार को आरजेडी विधायक दल की बैठक के बाद लालू यादव और तेजस्वी यादव ने साफ किया था वो किसी भी सूरत में इस्तीफा नहीं देंगे। तेजस्वी यादव ने कहा था कि जब नीतीश कुमार ने मेरा इस्तीफा मांगा ही नहीं तो फिर इस्तीफे का सवाल ही नहीं होता। महागठबंधन को परेशान करने के लिए मुझे जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। ये लोग जिंदगी भर हमारे नाती-पोतों पर भी आरोप लगाते रहेंगे।

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तेजस्वी यादवतेजस्वी को बर्खास्त करने दबाव था

आपको बता दें कि बिहार में लालू यादव के घर पर सीबीआई के छापों रेलवे टेंडर घोटाले में डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव का नाम आने के बाद नीतीश पर तेजस्वी यादव के इस्तीफे का दवाब बन रहा था. इसी पूरी सरगर्मी के बीच नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा देने का फैसला लिया है।

सुशील कुमार मोदीबीजेपी बाहर से समर्थन देने को तैयार

कुछ दिन पहले ही बिहार बीजेपी अध्यक्ष नित्यानंद राय ने बड़ा बयान दिया था। नित्यानंद राय ने कहा था कि अगर नीतीश कुमार तेजस्वी को बर्खास्त करते हैं और इससे सरकार पर संकट आता है तो बीजेपी नीतीश को बाहर से समर्थन देगी।

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