बिहार चुनाव: माले में कौन होगा मुकद्दर का सिकंदर, त्रिकोणीय मुकाबले में फंसे विधायक महबूब आलम

बलरामपुर से माले के विधायक महबूब आलम त्रिकोणीय मुकाबले में फंसे

बिहार: सीमांचल विधानसभा चुनाव के चार जिलों की 24 सीटों में से कटिहार जिले के बलरामपुर से माले के विधायक ‘महबूब आलम‘ पिछले चार चुनाव में से तीन चुनाव में जीत हासिल कर माले में अपना दबदबा बना चुके है। इस बार हालात अलग है। मुस्लिम बाहुल्य माले के सीट पर इसी बिरादरी के एसडीपीआई, एनसीपी सहित दो अन्य निर्दलीय उम्मीदवार महबूब आलम को सीधी टक्कर दे रहे हैं।

नमाज न पढ़ने का मुद्दा

एसडीपीआई के उम्मीदवार मौलाना मनोवर हुसैन और एनसीपी के उम्मीदवार ख्वाजा बहाउद्दीन विधायक के नमाज न पढ़ने को मुद्दा बनाए हुए हैं। मौलना मनोवर कहते हैं मुसलमानों के लिए यह करो या मरो का सवाल है। दीन की रक्षा करने वाले की जरूरत है।

सीपीआई/वीआईपी में कांटे की टक्कर

सीपीआई माले के ‘महबूब आलम’ और वीआईपी के ‘वरुण कुमार झा’ के बीच है। भाजपा ने समझौते के तहत यह सीट वीआईपी को दी है, मगर वरुण कुमार झा ‘भाजपा’ के नेता हैं। बीते चुनाव में कुमार झा को महबूब आलम ने शिकस्त दी थी। इस सीट पर करीब 68 फीसदी मतदाता मुस्लिम हैं। हिंदू मतों का ध्रुवीकरण हमेशा से भाजपा या भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में होता रहा है।

बलरामपुर में एक बार फिर माले का झंडा

माले के विधायक महबूब आलम ने बोला, ‘मैंने हमेशा दबे-कुचले लोगों की आवाज उठाई है। यह समय सांप्रदायिक शक्तियों को शिकस्त देने का है। विपक्ष एकजुट है। बलरामपुर में एक बार फिर से माले का झंडा लहराएगा।

विकास का लाभ

वीआईपी उम्मीदवार वरुण कुमार झा ने बोला, दो दशक से विकास कार्य ठप है। बिहार में हुए विकास का लाभ बलरामपुर को नहीं मिल पाया है। हर चुनाव में माले समेत सभी दल धर्म के नाम पर वोट मांगते हैं। मैं विकास के नाम पर वोट मांग रहा हूं।

मौलाना मनोवर का बयान

एसडीपीआई उम्मीदवार मौलाना मनोवर का बयान, मौलाना मनोवर ने बोला मैं बलरामपुर की जनता की आवाज हूं। वर्तमान विधायक ने इलाके को गरीबी और भुखमरी के अलावा कुछ नहीं दिया है। हर बार दीन के नाम पर वोट हासिल करने की रणनीति इस बार नहीं चलेगी।

यह भी पढ़े:जौनपुर के जलालपुर इलाके में पुलिस ने असलहा बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़

यह भी पढ़े:बिहार चुनाव : तीसरे चरण में 78 विधानसभा सीटों पर अब तक पड़े 19.74 प्रतिशत वोट

Related Articles

Back to top button