बिहार बोर्ड का नया कारनामा, रिजल्ट से पहले गायब हुईं 10वीं की 42 हजार कापियां

पटना। बिहार में गोपालगंज के एस़ एस़ बालिका विद्यालय के स्ट्रांग रूम से 10वीं की उत्तर पुस्तिकाएं गायब हो गई हैं। पुलिस कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इस बीच विपक्षी पार्टी के नेता ने भी इसको लेकर नीतीश सरकार पर निशाना साधा है। प्रधानाध्यापक सह केंद्राधीक्षक ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्हें गिरफ्तार किए जाने की सूचना है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस के अनुसार, एस़ एस़ बालिका उच्च विद्यालय में नवादा जिले की 10वीं कक्षा की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराया गया था। इसी क्रम में जब टॉपर छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए उत्तर पुस्तिकाओं की मांग बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा की गई तो स्ट्रांग रूम से 42 हजार से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाएं गायब पाई गईं। इस मामले में प्राचार्य सह केंद्राधीक्षक प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने 17 जून को गोपालगंज नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। यह मामला सामने आने के बाद केंद्राधीक्षक श्रीवास्तव को मंगलवार को समिति कार्यालय पूछताछ के लिए बुलाया गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर द्वारा करीब दो घंटे की पूछताछ के बाद गोपालगंज पुलिस ने पटना पुलिस की मदद से केंद्राधीक्षक को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि अब तक इसकी किसी पुलिस अधिकारी ने पुष्टि नहीं की है। समिति का मानना है कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के बाद सुरक्षा की जिम्मेवारी केंद्राधीक्षक की है। समिति ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के पूर्व भी केंद्रीधीक्षक ने समिति के किसी अधिकारी को इसकी सूचना नहीं दी।

गोपालगंज नगर पुलिस निरीक्षक रवि कुमार ने मंगलवार को बताया कि पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। इस सिलसिले में विद्यालय के आदेशपाल और रात्रि प्रहरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस वर्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित 10वीं का परीक्षा परिणाम 20 जून को घोषित किए जाने को लेकर आशंका व्यक्त की जा रही है। इस वर्ष 10वीं की परीक्षा में 17 लाख से ज्यादा परीक्षार्थी शमिल हुए थे। इनके लिए 1426 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। तेजस्वी ने व्यंग्यात्मक लहजे में ट्वीट किया, “कल बिहार में मैट्रिक का रिजल्ट आना है, लेकिन आज ही शिक्षा घोटालों, भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के लिए कुख्यात बिहार बोर्ड के ईमानदार नीतीशपरस्त अधिकारियों को पता चला कि दसवीं बोर्ड की 42 हजार कापियां गायब हैं और कल 20 जून को रिजल्ट घोषित करना है। अब फर्जी सुशासन में फर्जी परिणाम बनेगा।”

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