हिमांचल प्रदेश में बर्ड फ्लू का कहर, पौंग झील में 1700 पक्षियों की मौत के बाद पर्यटकों की इंट्री बंद

देश में एक तरफ कोरोना वायरस ने तबाही मचा रखी है, तो वहीँ दूसरी तरफ देश के अलग- अलग राज्यों में बर्ड फ्लू ने तबाही मचानी शुरू कर दी है।

शिमला ; देश में एक तरफ कोरोना वायरस (Corona virus) ने तबाही मचा रखी है, इससे निजात पाने के लिए सरकार अभी वैक्सीन लगाने की तैयारी ही कर रही है। तो वहीँ दूसरी तरफ देश के अलग- अलग राज्यों में बर्ड फ्लू (Bird flu) ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। इंदौर में बर्ड फ्लू की घटना सामने आने के अभी एक हफ्ता भी नहीं बीता था, कि हिमांचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में बर्ड फ्लू (Bird flu) ने दस्तक दे दी। बर्ड फ्लू की वजह से कांगड़ा (Kangra) के पौंग झील (Pong Lake) में 1700 प्रवासी पक्षियों की मौत हो गई है।

झील में मृत पाई गई प्रवासी पक्षियों में H5N1 वायरस पाया गया है, जो कि बर्ड फ्लू (Bird flu) होने की पुष्टि करता है। दो जनवरी को पक्षियों की मौत के बाद प्रशासन ने पालमपुर और जालंधर लैब से बर्ड फ्लू की जांच के लिए सैंपल भेजा था। जिसकी रिपोर्ट सोमवार को आई जिसमें बर्ड फ्लू होने की पुस्टि हुई। इसके आलावा प्रशासन ने फाइनल रिपोर्ट के लिए भोपाल लैब में भी सैंपल भेजा था, जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को सामने आई। जिसमें सभी पक्षियों में H5N1 एवियन इनफ्लुंजा वायरस की पुस्टि हुई।

सर्दियों के मौसम में ट्रांस हिमालयन श्रेणी से आते है, लाखों प्रवासी पक्षी

मृत पक्षियों में अधिकतर ग्रे लेग गूज, कॉमन पोचार्ड और बार हेडिडगूज प्रजाति के पक्षी है। बता दें कि राजधानी शिमला (Shimla) से करीब 300 किमी दूर कांगड़ा के पौंग जलाशय (Pong Reservoir) में प्रवासी पक्षी ट्रांस हिमालयन श्रेणी से आते है, यहां पर इन पक्षियों की सेंक्चुरी बनाई गई है। सर्दियों के मौसम में हिमालय के ऊंचाई वाले स्थानों पर झीले जमने लगती है। जिसकी वजह से बाहर के लाखों पक्षी पौंग झील की तरफ आते है, और फरवरी- मार्च तक रहते है।

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1700 पक्षियों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने आसपास के करीब एक किलोमीटर इलाकों को रेड जोन घोषित कर दिया है और चिकन, अंडे समेत पोल्ट्री फार्म के उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी है। ऐतिहातन प्रशासन ने झील के आस- पास पर्यटकों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी है।

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