Birthday Special : पिता की चाहत थी ‘टीचर’ बनें पर Kalpana Chawla ने अपने सपनों से बुन दिया इतिहास

पहली भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला (Kalpana Chawla) का आज 59वां जन्मदिन है। जिसे पूरे देश में मनाया जा रहा है। अगर कल्पना चावला (Kalpana Chawla) आज हमारे बीच होती तो आज हम उनका जन्मदिवस और भी खुशी से मना रहे होते।

नई दिल्ली: पहली भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला (Kalpana Chawla) का आज 59वां जन्मदिन है। जिसे पूरे देश में मनाया जा रहा है। अगर कल्पना चावला (Kalpana Chawla) आज हमारे बीच होती तो आज हम उनका जन्मदिवस और भी खुशी से मना रहे होते। बता दें कि कल्पना चावला का 17 मार्च 1962 को हरियाणा के करनाल में पैदा हुईं थीं। कल्पना ने पूरी दुनिया का मान बढ़ाया था। उनके पिता का नाम श्री बनारसी लाल चावला और माता का नाम संजयोती देवी था।

वह अपने परिवार के चार भाई बहनो में सबसे छोटी थी। घर में सब उसे प्यार से मोंटू कहते थे। कल्पना की प्रारंभिक पढाई “टैगोर बाल निकेतन” में हुई। कल्पना जब आठवी कक्षा में पहुचीं तो उन्होंने इंजिनयर बनने की इच्छा रखा था। आपको बता दें, उनकी मां ने सबसे पहले उनकी भावनाओं को समझा और उन्हें आगे बढ़ने में मदद की। कल्पना चावला के पापा उन्हें चिकित्सक या शिक्षिका बनाना चाहते थे। किंतु कल्पना बचपन से ही अंतरिक्ष में घूमने की कल्पना करती थी। कल्पना का सर्वाधिक महत्वपूर्ण गुण था।

कल्पना चावला
कल्पना चावला

Kalpana Chawla ने पिता से कहा

कल्पना घर में सबसे छोटी थीं लेकिन उनके काम इतने बड़े हैं कि आज भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लोग उन्हें याद करते है। कल्पना की प्रारंभिक शिक्षा करनाल के टैगोर बाल निकेतन में हुई। जब वो थोड़ी बड़ी हुईं तो उन्होंने पिता से कहा कि वो इंजीनियर बनना चाहती हैं। कल्पना अक्सर अपने पिता से पूछा करती थीं कि अंतरिक्ष यान क्या होता है। ये आकाश में कैसे उड़ते हैं। क्या मैं भी उड़ सकती हूं।

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छोटी कल्पना की उड़ान बड़ी थी, लेकिन कई बात तो उनके सवालों को घर के लोग हंसी की बात मानकर टाल देते थे। कल्पना चावला अंतरिक्ष में जाने वाली पहली महिला थीं। 1 फरवरी 2013 में जिस अंतरिक्ष यान से वह लौट रही थीं उस यान में कल्पना चावला सहित 7 लोग सवार थे। इन में सभी 7 लोगों की मौत हो गई थी। यान कोलंबिया शटल STS-107 करीब दो लाख फीट की ऊंचाई पर था। इसकी रफ्तार करीब 20 हजार किलोमीटर प्रति घंटा थी। यह यान 16 मिनट बाद पृथ्वी पर उतरने ही वाला था लेकिन तभी यह हादसा हो गया जिसमें सभी की मौत हो गई।

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