जन्मदिन विशेष: रूपहले पर्दे पर निभाए अपने किरदारों की बदौलत हमेशा दिलों में जिंदा रहेंगी ये एक्ट्रेस..

मुंबई। फिल्म ‘देवदास’ और ‘आंधी’ के ज़रिए लोगों के दिलों में जगह बनाने वाली सुचित्रा सेन का आज जन्मदिन है। इनका जन्म बांग्लादेश के पबना जिले (पहले भारत) में 6 अप्रैल को हुआ था। इनके जन्म के समय इनका नाम रोमदास गुप्ता रखा गया। बॉलीवुड में कदम रखने के बाद अपनी एक्टिंग से सबके दिलों में छाप छोड़ने वाली सुचित्रा की मौत 17 जनवरी 2014 को हार्ट अटैक पड़ने से हो गई थी।

उन्होंने साल 1952 में फिल्म ‘शेष कौथाए’ से कदम रखा लेकिन इनकी यह पहली फिल्म असफल रही। किन्हीं कारणोंवश इस फिल्म को रिलीज़ न किया जा सका। 6 साल की उम्र में इस अदाकारा की शादी कोलकाता के जाने माने वकील आदिनाथ सेन के बेटे दिबानाथ से हुई।

कहा जाता है सुचित्रा को कभी इस बात का अंदाजा भी न था कि वह फिल्मों में बतौर अभिनेत्री काम करेंगी। लेकिन निर्देशक असित सेन जो उनके पारिवारिक मित्र थे उन्होंने जब सुचित्रा को देखा तो उन्हें लगा कि वह उस हर एक गुण से परिपूण हैं जो एक एक्ट्रेस में होना चाहिए।

हिंदी सिनेमा में सुचित्रा सेन की धमाकेदार एंट्री हुई बिमल रॉय की देवदास से। हांलाकि ‘देवदास’ में पारो के रोल के लिये बिमल राय की पहली पसंद मीना कुमारी थीं लेकिन वे दूसरी फिल्मों में बेहद व्यस्त थीं फिर बिमल राय की नजरें मधुबाला पर टिकी लेकिन तब तक दिलीप और मधुबाला के रिश्त बेहद तनावपूर्ण दौर में पहुंच चुके थे।

बाद में सुचित्रा के पति ने ही उन्हें फिल्मों में काम करने के लिये प्रोत्साहित किया। 21 साल की उम्र में जब उन्होंने रूपहले पर्दे पर कदम रखे उस समय सात माह की मुनमुन सेन उनकी गोद में थी। उनकी पहली फिल्म थी “शेष कोथाय“ लेकिन ये फिल्म 20 साल बाद “श्राबोन संध्या” के नाम से रिलीज हो सकी।

उनकी पहली रिलीज फिल्म थी “सात नम्बर कैदी (1953)”। अपनी तीसरी फिल्म “शरे चौत्तर” में उन्हें बांग्ला फिल्म के सुपर स्टार उत्तम कुमार के साथ काम करने का मौका मिला।

फिल्म जबरदस्त हिट साबित हुई और इसी फिल्म से बांग्ला सिनेमा को सुचित्रा सेन और उत्तम कुमार की अद्भुत जोड़ी मिली। अगले 25 साल तक 30 फिल्मे एक साथ कर ये जोड़ी बांग्ला सिनेमा पर राज करती रही। साल 1963 में सुचित्रा सेन के करियर की सबसे शानदार बांग्ला फिल्म आई। ”सात पाके बांधा,” सुचित्रा सेन के शानदार अभिनय के लिए उन्हें मॉस्को फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का खिताब मिला। किसी भारतीय अभिनेत्री को वहां पहली बार ये सम्मान मिला था।

Related Articles