गुजरात से सियासी पारी शुरु करेंगे बीजेपी चीफ अमित शाह, साथ देंगी स्मृति ईरानी

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नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में उठा- पटक के बाद अब गुजरात की बारी है। खबर है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गुजरात से राज्यसभा चुनाव लड़ेने का फैसला किया है। सिर्फ शाह ही नहीं केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने भी दोबारा चुनाव लड़ने का निर्णय कर लिया है। गुजरात में 8 अगस्त को राज्यसभा चुनाव होने हैं।

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जे.पी नड्डा ने बैठक में की घोषणा

स्मृति पहले से ही राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 18 अगस्त को समाप्त होने वाला है। शाह वर्तमान में गुजरात से एक विधायक हैं, जहां पर भाजपा की सरकार है। दोनों के नामों की घोषणा पार्टी के वरिष्ठ नेता जे.पी नड्डा ने पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद की।

आज दिल्ली में होनी है बैठक

आज दिल्ली में अचानक से बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई। ये बैठक बिहार में नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद के इस्तीफा देने के तुरंत बाद बुलाई गई। जिसमें अमित शाह और स्मृति ईरानी को राज्यसभा भेजे जाने की बात पर भी चर्चा की गई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी प्रमुख अमित शाह मौजूद थे।

गुजरात में कुल 11 राज्यसभा सदस्यों में से तीन स्मृति ईरानी, दिलीपभाई पंड्या और कांग्रेस के अहमद पटेल का कार्यकाल 18 अगस्त को समाप्त हो रहा है। इसी के साथ राज्य में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव भी होने हैं।

 

अहमद पटेल ने दाखिल किया नामांकन

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार एवं राज्यसभा सदस्य अहमद पटेल ने भी राज्यसभा चुनावों के लिए बुधवार को नामांकन दाखिल किया। उनकी कोशिश लगातार पांचवी बार गुजरात से राज्यसभा पहुंचने की है और इसके लिए उन्होंने कांग्रेस से हाल ही बगावत कर चुके शंकरसिंह वाघेला से भी समर्थन मांगा है। हालांकि यहां कयास लगाए जा रहे हैं कि वाघेला गुट के 11 कांग्रेसी विधायक शायद ही कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन दें।

उल्लेखनीय है कि 2014 में लोकसभा चुनाव में बीजेपी के प्रचंड जीत के बाद अमित शाह को गृह मंत्री बनाए जाने की बात कही गई थी। उन्हीं के नेतृत्व में बीजेपी को कई प्रदेशों के चुनाव में जीत मिली है। वहीं, स्मृति ईरानी 2014 में अमेठी से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गईं। केंद्र में बीजेपी की सरकार बनने पर ईरानी को मानव संसाधन विकास मंत्रालय की अहम जिम्मेदारी सौंपी गयी थी। इसके बाद ईरानी को कपड़ा मंत्रालय और हाल ही में हुए कैबिनेट फेरबदल में उन्हें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का कार्यभार भी सौंपा गया है।

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