जंतर मंतर पर भड़काऊ भाषण देकर मुसीबत में पड़े BJP नेता अश्वनी उपाध्याय

BJP नेता Ashwani Upadhyay समेत मुस्लिम विरोधी भड़काऊ भाषण देने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है- आरोपी में विनोद शर्मा, दीपक सिंह, विनीत क्रांति, दीपक, प्रीत सिंह, प्रीत सिंह सेवा इंडिया फाउंडेशन का निदेशक है

नई दिल्ली:   BJP नेता Ashwani Upadhyay समेत मुस्लिम विरोधी भड़काऊ भाषण देने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है- आरोपी में विनोद शर्मा, दीपक सिंह, विनीत क्रांति, दीपक, प्रीत सिंह, प्रीत सिंह सेवा इंडिया फाउंडेशन का निदेशक है। उत्तम मालिक और पुष्पेंद्र उर्फ ‘पिंकी चौधरी’ की तलाश जारी है। इसी बैनेर तले भारत जोड़ों आंदोलन, जंतर-मंतर पर किया गया था। आपको बता दें कि जंतर-मंतर पर कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने अभद्र आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां की थी। अब इस मामले में दिल्ली पुलिस एक्शन में आ गई है।

वहीं बजेपी नेता ने कहा कि इस पूरे मामले में वह पूरी तरह से निर्दोष हैं।  उनके मुताबिक उन्हें नहीं पता कि नारे लगाने वाले कौन लोग हैं और उन्होंने नारे क्यों लगाए और  वायरल हो रहा वीडियो की जांच के लिए दिल्ली पुलिस को एक शिकायत दी है। अगर वीडियो प्रमाणिक है तो इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। मुझे कोई जानकारी नहीं है कि वे कौन हैं।  मैंने उन्हें पहले कभी नहीं देखा, कभी उनसे मिला नहीं हूं और न ही उन्हें वहां बुलाया था। जब तक मैं वहाँ था, वो वहाँ नहीं दिखे, तो भारत जोड़ों आंदोलन को बदनाम करने के लिये झूठा प्रचार किया जा रहा है।

प्रतीकात्मक
प्रतीकात्मक

पुलिस का स्टेटमेंट

पुलिस का कहना है कि उनकी इजाजत के बिना इस कार्यक्रम को आयोजित किया गया था। बताया जा रहा है कि यह प्रदर्शन, सुप्रीम कोर्ट के वकील Ashwani Upadhyay की ओर से आयोजित किया गया थ। वैसे उनका  का कहना है कि उन्‍हें वीडियो के बारे में जानकारी नहीं है। केवल पांच या छह लोग ही नारे लगा रहे थे। उन्‍होंने कहा कि ऐसे नारे नहीं लगाए जाने चाहिए थे।

प्रदर्शन की जानकारियाँ

यह प्रदर्शन औपनिवेशिक कानूनों के खिलाफ हुआ था और इस दौरान 222 ब्रिटिश कानूनों को निरस्त करने की मांग की गई। इसी कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम विरोधी भाषण दिए गए थे। इस मुहिम का मकसद 1860 में बने इंडियन पीनल कोड, 1861 में बने पुलिस एक्ट, 1863 में बने रिलिजियस एंडोमेंट एक्ट और 1872 में बने एविडेंस एक्ट समेत सभी २२२ अंग्रेजी कानूनों को खत्म कराना है। इसके अलावा भारत में समान शिक्षा, समान चिकित्सा, समान कर संहिता, समान दंड संहिता, समान श्रम संहिता, समान पुलिस संहिता, समान न्यायिक संहिता आदि लागू कराना है।

वाइराल हो रही वीडियो की जानकारी

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मुस्लिमों को ‘राम-राम’ कहने को लेकर धमकी दी जा रहे है। दिल्‍ली के प्रमुख इलाके जंतर मंतर पर आयोजित इस प्रदर्शन में कुछ सदस्‍य नारे लगा रहे थे, हिंदुस्‍तान में रहना होगा तो जय श्री राम कहना होगा। यह स्‍थान देश की संसद और शीर्ष सरकारी दफ्तरों से कुछ ही किलोमीटर दूर है। दिल्‍ली पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया था। नफरत भरे भाषणों के लिए कुख्‍यात पुजारी नरसिंहानंद सरस्‍वती की मौजूदगी में यह नारे लगाए गए।  पुरातन समय से चले आ रहे कानूनों को हटाकर एक समान कानून बनाने की मांग को लेकर यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था।

 

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