सुशांत सिंह मामले में भाजपा विधायक और परिवार ने संजय राउत को भेजा कोर्ट नोटिस

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में सुशांत के चचेरे भाई भाजपा विधायक नीरज कुमार बबलू के वकील ने महाराष्ट्र के राज्यसभा सांसद संजय राउत को वकालतन नोटिस भेजा है। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह पर की गई टिप्पणी से आहत होकर विधायक ने उन्हें ये नोटिस भेजा है। शिवसेना के सांसद ने सुशांत के पिता पर दूसरी शादी करने सहित कई अन्य आरोप लगाते मीडिया में बयान दिया था। मुंबई के एक मुख्यपत्र में भी उसे लिखते हुए उनके उपर टिप्पणी की थी। उस बात से ही आहत होकर दिवंगत अभिनेता के भाई ने सांसद संजय राउत को वकालतन नोटिस भेजने के लिए सहरसा के वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेन्द्र कुमार झा अनीश को अधिकृत किया था।

वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेन्द्र कुमार झा अनीश ने भेजे वकालतन नोटिस में कहा है कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पिता के के सिंह पर राज्यसभा सांसद संजय राउत का मीडिया और एक मुख्यपत्र में दिया गया बयान गैर जिम्मेदाराना व भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। के के सिंह के संबंध में दो शादी करने और उसके बाद पुत्र के अच्छे संबंध नहीं रहने के बारे में दिया गया सांसद संजय राउत का बयान सरासर गलत और भ्रामक है।

सुशांत सिंह राजपूत के पिता ने दूसरी शादी की ही नहीं थी। अपने बेटे को वे जान से ज्यादा चाहते थे और पत्नी की मौत के बाद पिता और उनकी चारों बेटियों ने उसे पाला था। सुशांत सिंह राजपूत एक उभरता हुआ सितारा और पितृभक्त इकलौता बेटा था। एक बेटे और पिता के रिश्ते और केके सिंह के ऊपर दूसरी शादी करने के बेतुके बयान से विधायक नीरज कुमार बबलू सहित अन्य परिवार के सदस्यों समेत सुशांत के करोड़ों फैन्स की भावनाओं को ठेस पहुंची है। साथ ही उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को क्षति और मानसिक आघात पहुंचा है।

सांसद संजय राउत ने गैर जिम्मेदाराना बयान देकर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचने के साथ-साथ सुशांत केस के अनुसंधान को भी प्रभावित करने की कोशिश की है। वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा है कि सांसद संजय राउत वकालतन नोटिस प्राप्ति के 48 घंटे के अंदर गैर जिम्मेदाराना वक्तव्यों के लिए क्षमा मांगें और खेद प्रकट करें। अन्यथा यह समझा जाएगा कि आपने भ्रामक एवं सत्य से परे बातों को जानबूझकर दुष्प्रचारित किया है। ऐसे में मेरे मोवक्किल विधायक नीरज कुमार बबलू आपके ऊपर विभिन्न सुसंगत धाराओं में वाद दाखिल करने को बाध्य होंगे और इसकी सारी जिम्मेवारी आपकी होगी।

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