मंदसौर गैंगरेप : पीड़ित परिवार से बोले BJP विधायक,सांसद से शुक्रिया कहिए, आपसे मिलने आए हैं

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मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर सात साल के मासूम के साथ गैंगरेप की घटना ने देश को एक बार फिर हिला कर रख दिया है। लोग आरोपियों के लिए फांसी की सजा मांग रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ मासूम अपनी जिंदगी के लिए अस्पताल में जंग लड़ रही है। डॉक्टर्स उसे बचाने की कोशिश में लगे हैं। परिवार अपनी बच्ची के दर्द को देख खुद तिल-तिल कर मर रहा है। इसी बीच बीजेपी विधायक ने अंसेवदनशील बयान दिया है।

मध्य प्रदेश

दरअसल हुआ यूं कि शुक्रवार को मंदसौर नीमच के बीजेपी सांसद सुधीर गुप्ता बच्ची के परिवार से मिलने इंदौर के अस्पताल पहुंचे थे। सांसद सुधीर गुप्ता के इंदौर के बीजेपी विधायक सुदर्शन गुप्ता भी अस्पतला पहुंचे। इस मुलाकात के विधायक ने पीड़ित के परिजनों से कहा कि वो सांसद जी का धन्यवाद दीजिए कि क्योंकि वह आपसे से मुलाकात करने आए हैं। पूरा घटनाक्रम भी कैमरे में कैद हो गया है। जहाँ परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है वहीँ विधायक के ये असंवेदनशीलता से मानवता को भी शर्मसार करते हैं।

क्या है मामला 

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के मंदसौर में 26 जून को स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्ची का अपहरण कर लिया गया उसके बाद उससे गैंगरेप कर अधमरी हालात में झाड़ियों में फेंक दिया गया। बच्ची के साथ इतनी हैवानियत की गई कि देखने वालों की रूह कांप गई। बच्ची के शरीर पर दांतों से काटने और नोचने के निशान मिले हैं। इसके साथ ही, उसके नाजुक अंगों को भीषण चोट पहुंचायी थी जिसे मेडिकल जुबान में “फोर्थ डिग्री पेरिनियल टियर” कहते हैं।

बच्ची की अलग-अलग सर्जरी की गयी हैं। कॉलोस्टोमी के जरिये उसके मल विसर्जन के लिये अस्थायी तौर पर अलग रास्ता बनाया गया है, जबकि एक अन्य ऑपरेशन के दौरान उसके दूसरे नाजुक अंग की शल्य चिकित्सा के जरिये मरम्मत की गयी है। करीब 10 डॉक्टरों का विशेषज्ञ दल उसकी सेहत पर लगातार नजर रख रहा है।

दो आरोपी गिरफ्तार 

इस मामले में पुलिस ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किये गये पहले आरोपी इरफान को गुरुवार शाम को अजाक थाने में बनाई गई स्पेशल कोर्ट ने 2 जुलाई तक की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जबकि दूसरे आरोपी आसिफ को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया है।

वहीँ मासूम के साथ दर्दनाक हरकत के लिए पूरा देश उनके लिए फांसी की सजा मांग रहा है। वहीँ मुस्लिम समाज की आक्रोशित महिलाओं ने आरोपी को फांसी की सजा दिया जाने के बाद उसे कब्रिस्तान में ना दफन किए जाने की बात कही। वकीलों ने भी आरोपियों का केस लड़ने से इनकार कर दिया है।

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