नेपोटिज्म पर बीजेपी सांसद रूपा गांगुली ने कहा- नहीं देखूंगी ऐसे एक्टर्स की फिल्में

मुंबई: अभिनेत्री और भाजपा सांसद रूपा गांगुली ने कहा की वह इसके बाद अब कुछ लोगों की फिल्में नहीं देखेंगी क्योंकि उन्होंने देश को संदेश दिया है कि छोटे शहरों के लड़कों और लड़कियों को फिल्म इंडस्ट्री में नहीं आना चाहिए। नेपोटिज्म हर जगह होगा। मां-बाप वास्तव में अपने बच्चों की मदद कर सकते हैं लेकिन इतना भी नेपोटिज्म नहीं होना चाहिए कि इसके चलते कुछ लोगों को मौत के मुंह में धकेल दिया जाए। पिछले कई दिनों से रूपा गांगुली सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच को लेकर आक्रामक अंदाज में आ गई हैं और ऐक्टर की मौत की सीबीआई जांच की मांग कर रही हैं। वह लगभग रोजाना ही #cbiforsushant हैशटैग से अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट्स कर रही हैं।

सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून को बांद्रा स्थित अपने फ्लैट पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मौत के बाद एक तरफ जहां सुशांत के डिप्रेशन से जूझने की बात सामने आई तो यह भी कहा गया कि सुशांत ने नेपोटिज्म के कारण सूइसाइड जैसा कदम उठाया। हालांकि पूरे मामले की मुंबई पुलिस जांच कर रही है और अभी तक कई लोगों का बयान लिया जा चुका है।

रूपा गांगुली ने सुशांत की मौत को लेकर कई सवाल उठाए और कहा, ‘बिना किसी सूइसाइड नोट या कमरे में बिना स्टूल या कुर्सी के, जिसकी मदद से फांसी पर लटका जा सकता है, पुलिस इस निष्कर्ष पर कैसे पहुंच गई कि उन्होंने आत्महत्या की? इसे एक आकस्मिक मौत कहने के बजाय, पुलिस ने रिपोर्ट बनाई कि यह आत्महत्या है। कुछ दिनों पहले से बताया जा रहा था कि सुशांत डिप्रेशन से गुजर रहे थे। इसने हमारे दिमाग में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सूइसाइड नोट के बिना, पुलिस ने पोस्टमॉर्टम से पहले भी इसे आत्महत्या कैसे कहा?’

रूपा गांगुली ने आगे कहा, ‘बहुत सारे सवालों के जवाब दे दिए गए हैं, लेकिन अभी भी कई सवाल बाकी हैं। फरेंसिक टीम 15 जून को ही सुशांत के घर क्यों नहीं गई? पुलिस ने कहा कि इस मामले में कोई फाउल प्ले नहीं था। फरेंसिक टीम एक दिन देरी से घर पहुंची, यह एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। उनके शरीर पर इतने सारे निशान क्यों थे? सुशांत ने पंखे से लटककर आत्महत्या की, फिर भी उनके चेहरे पर कोई निशान या प्रभाव नहीं था, जैसा कि उनकी आखिरी तस्वीरों में हमने देखा। पुलिस ने अब तक सुशांत का घर सील क्यों नहीं किया है? उनका कुत्ता कहां है? क्या ऐसा संभव नहीं है कि सुशांत का मर्डर किया गया हो? क्या ऐसा संभव नहीं है कि किसी ने उनका मर्डर करके बॉडी को बेडरूम में लॉक कर दिया हो और कहा हो कि चाबी खो गई? अभी तक किसी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? पुलिस यह भी साबित नहीं कर पाई कि यह सूइसाइड है।’

रूपा गांगुली समझ नहीं पा रही हैं एक व्यक्ति जो इतना महत्वाकांक्षी और जमीन से जुड़ा हुआ था, अपने सपनों को पेपर पर उतारता था, वह इतनी आसानी से हिम्मत हार जाएगा। हालांकि उन्होंने कहा कि वह मुंबई पुलिस की क्षमता पर सवाल नहीं उठा रही हैं। वह बोलीं, ‘मैं मुंबई पुलिस की क्षमता पर सवाल नहीं उठा रही हूं, लेकिन मुझे लगता है कि सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसी की ओर से जांच करवाना अधिक निष्पक्ष होगा। पुलिस विभाग इसे अन्य एजेंसियों से मदद लेने के लिए अपमान क्यों मानता है? अगर वे इतने निश्चित हैं कि यह आत्महत्या है तो उन्हें वास्तव में हमें यह साबित करने के लिए सीबीआई को बुलाना चाहिए।’

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने पार्टी के किसी नेता ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सीबीआई जांच की मांग की है तो रूपा गांगुली ने कहा, ‘एक सांसद होने के नाते मैंने सुशांत के केस में कोई दिलचस्पी नहीं ली, तो इसलिए शुरुआत में मैं किसी पार्टी के सदस्य या नेता को इसमें शामिल नहीं करना चाहती थी। लेकिन एक आम आदमी के नाते मैं सोशल मीडिया पर अपनी आवाज उठा रही हूं। मुझे इतना बुरा लग रहा है कि मैंने अब गृहमंत्री को एक चिट्ठी लिखने का फैसला किया है। मैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से भी इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करती हूं।’

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