चुनाव से पहले मोदी को लगा सबसे बड़ा झटका, अपने ही नेता बीजेपी के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव

0

धर्मशाला। इस साल गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनाव होने हैं। गुजरात में 22 सालों से बीजेपी की सरकार है। और हिमाचल में कांग्रेस का राज्य है। लेकिन इस बार गुजरात चुनाव में काफी फेरबदल होने की संभावना नजर आ रही है। कांग्रेस लगातार बीजेपी पर भारी पड़ती नज़र आ रही है। सोशल मीडिया पर भी कांग्रेस काफी आक्रामता के साथ लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं, बीजेपी के लिए अब हिमाचल से भी एक बुरी खबर आ रही है।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की राह भी आसान दिखायी नहीं दे रही है। इसका कारण यह है कि पार्टी की प्रदेश इकार्इ के ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष उत्तम चौधरी ने टिकट न मिलने के बाद बागी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। बीजेपी की हिमाचल प्रदेश इकाई के ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष उत्तम चौधरी ने शुक्रवार को घोषणा की है कि वह राज्य में नौ नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में कांगड़ा विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे, क्योंकि पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया है।

वहीं, सत्तारूढ़ कांग्रेस ने कांगडा से मौजूदा विधायक पवन काजल को चुनाव मैदान में उतारने का निर्णय किया है, जो वर्ष 2012 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीते थे। वहीं इस सीट से संजय चौधरी बीजेपी के उम्मीदवार है। इस बीच कांगडा से काजल को उम्मीदवार बनाये जाने के कांग्रेस नेतृत्व के निर्णय के खिलाफ कांगडा ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक मार्च निकाला। पिछले चार साल से उत्तम चौधरी कांगड़ा विस क्षेत्र में प्रचार के लिए डटे थे। फैसला वापिस लिया तो उनके समर्थकों का मनोबल टूटेगा और ऐसा वह करना नहीं चाहते। गौर हो कि कांगड़ा विस क्षेत्र के लिए भाजपा ने संजय चौधरी को बतौर उम्मीदवार उतारा है।

loading...
शेयर करें