भाजपा अध्यक्ष ने कहा, निजी स्वार्थों के लिए किसानों को उकसा रहे हैं विपक्षी

सरकार द्वारा पारित तीन अति महत्वपूर्ण कृषि कानून को वे अफसोसजनक तरीके से किसानों को उकसा और भ्रमित कर झूठ फैला रहे है

देहरादून: उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष बंशीधर भगत ने बुधवार को कहा कि प्रदेश में किसानों के बजाए विपक्षी दल निजी स्वार्थों के तहत आंदोलन कर रहे हैं और किसानों के उत्थान के लिए केन्द्र सरकार द्वारा पारित तीन अति महत्वपूर्ण कृषि कानून को वे अफसोसजनक तरीके से किसानों को उकसा और भ्रमित कर झूठ फैला रहे है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के हित के लिए जो कार्य किए हैं वह पहले किसी सरकार में नहीं हो पाए। प्रधानमंत्री मोदी जी के शासन में गांव गरीब और किसान का पहले ध्यान रखा गया है। मौजूदा कृषि कानून से भी किसानों की दशा और दिशा में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे।

उन्होंने कहा कि 2009 में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार में कृषि मंत्रालय का बजट मात्र 12 हजार करोड़ रुपए था। जो आज कई गुना बढ़ाकर एक लाख 34 हजार करोड़ किया गया है। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि मोदी सरकार किसानों की कितनी फिक्रमंद है।

किसानों के हित में खर्च रूपए 

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसानों के हितों को समर्पित सरकार है आज तक कभी भी केंद्र सरकार की ओर से एक साल में 75 हजार करोड़ रुपए की रकम किसानों के हित में खर्च नहीं हो सकी थी। लेकिन मोदी सरकार ने ये भी संभव करके दिखाया। पीएम किसान योजना से अब तक 92 हजार करोड़ रुपए सीधे डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में पहुंच चुके हैं।

भगत ने कहा कि मौजूदा कृषि विधेयक भी किसान कल्याण की दिशा में एक और क्रांतिकारी पहल है। इन विधेयकों से न सिर्फ बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी, बल्कि किसानों को एक मुक्त बाजार भी मिलेगा। किसान ऊंची कीमतों पर अपनी उपज बेच सकेगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों को दो.तरफा फायदा दिया है। अगर किसान मंडी में उपज बेचता है तो उसे ऊंची एमएसपी पर कीमतें मिलेंगी। और अगर मंडी से बाहर बाजार में बेचता है तो उसे ऊंची कीमत के साथ साथ तकनीक का भी लाभ मिलेगा।

विधेयकों में ऐसी व्यवस्थाएं

उन्होंने कहा कि बीज खरीदने से लेकर फसल बेचने तक एक किसान जगह जगह बिचौलियों से घिरा रहता था और बिचौलिए किसान की कमाई पर डाका डालते थे जिसका नतीजा ये होता था कि किसान को उसकी मेहनत का वाजिब दाम नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि अब इन विधेयकों में ऐसी व्यवस्थाएं की गई हैं जिससे किसान स्वयं अपनी उपज को अच्छी कीमतों पर मंडियों में या मंडियो के बाहर के बाजार में भी बेच सकता है। उन्होंने कहा कि इसमें बिचौलियों की भूमिका खत्म कर दी गई है। यानि जो मुनाफा किसान से बिचौलिए उठाते थे, वो पैसा अब सीधा किसान की जेब में जाएगा।

भगत ने कहा कि प्रधानमंत्री के इन कृषि विधेयकों से एक राष्ट्र एक बाजार की संकल्पना को मजबूती मिल रही है। किसान अब सीधे बाजार से जुड़ सकेंगे।

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