कर्नाटक चुनाव से ठीक पहले बीजेपी को जबरदस्‍त झटका, कांग्रेस को मिला सबसे बड़ा साथ

नई दिल्ली। कर्नाटक चुनाव से ठीक पहले बीजेपी को एक तगड़ा झटका लगा है। इसके बाद ये उम्‍मीद जताई जा रही है कि अब बीजेपी के लिए कर्नाटक जीतना काफी मुश्किल होगा। दरअसल बीजेपी को यह झटका लिंगायतों के मठाधीशों ने दिया है। आपको बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए 12 मई को वोटिंग होनी है और  15 मई को नतीजे आएंगे।

कर्नाटक चुनाव

कर्नाटक चुनाव से पहले झटका

आपको बता दें कि अभी हाल ही में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा देने का ऐलान किया था। इसके बाद अब लिंगायत के मठाधीशों ने कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। बता दें कि इसके लिए बेंगलुरू में 220 मठों के मठाधीशों की बैठक हुई।

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वहीं दूसरी ओर लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा देने के लिए आंदोलन कर रहे कर्नाटक के कई मठ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से नाराज़ हैं। दरअसल हाल ही में अमित शाह ने कुछ संतों से बात करते हुए ये कहा था कि जब तक केंद्र में बीजेपी की सरकार है, तब तक कांग्रेस सरकार के लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा देने के फैसले को लागू नहीं होने दिया जाएगा।

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अमित शाह के इस बयान से नाराज उन 220 मठों के मठाधीशों ने आज बेंगलुरु के बसव भवन में एक बैठक की। इस बैठक में चित्रादुर्गा के प्रसिद्ध मुरुगा मठ के मठाधीश मुरुगा राजेन्द्र स्वामी, बसव पीठ की प्रमुख माता महादेवी, सुत्तुर मठ सहित 220 मठों के मठाधीशों ने हिस्सा लिया। सभी ने चर्चा के बाद एक मत से ये फैसला लिया कि वो अमित शाह के बयान से बेहद आहत हुए हैं।

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बैठक में ये बात सामने आई कि केन्द्र सरकार के फैसले से पहले ही पार्टी के अध्यक्ष ने ये बता दिया है कि इस मसले पर पार्टी का स्टैण्ड क्या है। ऐसे में ये फैसला लिया गया है कि सीएम सिद्धरामैया ने उनकी बात मानी, उनकी मदद की इसीलिये इस बार चुनाव में सिद्धरामैया को ही इन मठों का समर्थन मिलेगा।

इससे पहले अमित शाह ने वीरशैवा धर्मगुरुओं से मुलाक़ात की थी और उन्हें ये सुनिश्चित किया था कि केंद्र कर्नाटक को कांग्रेस सरकार के इस फैसले को खारिज करेगी। बता दें कि लिंगायतों में वीरशैवा भी आते हैं जो कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के फैसले के विरोध में हैं।

 

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