कर्नाटक में कांग्रेस के विधायक होंगे भाजपा में शामिल, भाजपा करेगी स्वागत

बंगलुरु: कर्नाटक के मंत्री और निर्दलीय विधायक नागेश ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही उन्होंने कुमारस्वामी सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। राज्यपाल को इस्तीफा देते हुए स्वतंत्र विधायक ने कहा कि वह एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस ले रहे हैं। इस पत्र के माध्यम से मैं बताना चाहता हूं कि यदि मुझे बुलाया जाएगा तो मैं भाजपा सरकार का समर्थन करुंगा।कांग्रेस सांसद डीके सुरेश ने कहा कि कांग्रेस के सभी मंत्री अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं। उन्होंने कहा, ‘भाजपा के राष्ट्रीय नेता इसके पीछे हैं। भाजपा किसी विपक्षा पार्टी को राज्य में या देश पर शासन करने देना नहीं चाहती है। वह लोकतंत्र को बर्बाद कर रहे हैं।’ कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा, ‘मैंने कांग्रेस पार्टी के सभी मंत्रियों को नाश्ते पर बुलाया है ताकि उनसे वर्तमान राजनीतिक हलचल और कमियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। हम जानते हैं भाजपा क्या करने की कोशिश कर रही है। यदि जरूरत पड़ी हम सभी इस्तीफा दें देंगे।’रविवार को दोनों पार्टी के नेताओं ने अपने-अपने बागी विधायकों से बात की। उन्हें मंत्री पद और उनके निर्वाचन क्षेत्र को बहुत फंड देने का वादा किया गया। हालांकि बागी विधायकों ने इस ऑफर को ठुकरा दिया। रविवार शाम को राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी अमेरिका से बंगलूरू वापस लौटे। उन्होंने सोमवार को कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई है। जहां वह कुछ मंत्रियों से इस्तीफा मांग सकते हैं ताकि उनके स्थान पर बागियों को मंत्री बनाया जा सके। वहीं जल संसाधन मंत्री और कांग्रेसी डीके शिवकुमार ने पहल करते हुए कहा, ‘मैं इस सरकार को बचाने के लिए इस्तीफा देने के लिए तैयार हूं।’

शनिवार शाम से ही 10 बागी विधायक मुंबई के पांच सितारा होटल में ठहरे हुए हैं। उन्होंने ऑफर को अपनाने से मना कर दिया। उनका कहना है कि बाकी के बचे हुए विधायक भी सोमवार को उनके साथ आ जाएंगे और वह अपने फैसले को वापस लेने वाले नहीं हैं। एक बागी विधायक प्रताप गौड़ा पाटिल ने कहा, ‘भविष्य स्पष्ट है। सभी 14 विधायक भाजपा में शामिल होंगे।’ अब गेंद विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश के पाले में है। उन्हें मंगलवार को इन इस्तीफों पर फैसला लेना है। वहीं कांग्रेस कानूनी रास्ता अपनाने के बारे में विचार कर रही है। सिद्धारमैया ने मंगलवार रात साढ़े नौ बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। जिसमें वह बागी सहित सभी विधायकों को व्हिप जारी करेंगे। इसका मकसद बागियों को कानूनी रूप से रोकना है।

भाजपा ने अपने 105 विधायकों के लिए 30 कमरों को बुक कराया है। यहां उन्हें कुछ दिनों तक रहने के लिए कहा जा सकता है ताकि विपक्ष उसके विधायकों को किसी तरह का लालच न दे पाए। भाजपा का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में उसका किसी तरह का कोई हाथ नहीं है। कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने कहा, ‘हम राज्यपाल से मिलने नहीं जा रहे हैं। हम मंगलवार को आने वाले विधानसभा अध्यक्ष के फैसले का इंतजार करेंगे।’

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