विहिप के मुद्दे बने बीजेपी की मुसीबत, कैसे पार पाएंगे मिशन 2019 की डगर ?

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नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद ने कुछ अहम मुद्दों पर आवाज बुलंद करते हुए केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारों से इस दिशा में सख्त कदम उठाने की अपील की है। उठाये गए मुद्दों में गोसंरक्षण, राम मंदिर मामला और विदेशी घुसपैठ आदि शामिल हैं। इस मुद्दों को साल 2019 लोकसभा चुनावों को लेकर भी काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल भाजपा भी हिंदू कार्ड खेलने की तैयारी में हैं। इसी मंशा को अंजाम तक पहुंचाने के लिए भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में पीडीपी से समर्थन वापस लेकर यहां सरकार गिरा दी। बाद में राज्य में राज्यपाल शासन लगा। केंद्र के इस फैसले के बाद चारों तरफ से यह आवाज उठने लगी थी कि भाजपा के हिंदुत्ववादी विचारधारा में महबूबा का साथ आड़े आ रहा था।

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विश्व हिंदू परिषद

ऐसे में यह भी बड़ा सवाल उठता है कि जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए भाजपा ने देश के एक राज्य से अपनी सरकार को खुद हटा लिया। उसी उद्देश्य की पूर्ति में विश्व हिंदू परिषद द्वारा की जाने वाली मांगे भी रोड़ा अटका सकती हैं।

दरअसल साल 2014 में सत्ता में आने से पहले भाजपा ने अपने मेनिफेस्टो में इन्हीं मुद्दों को प्राथमिकता से जगह दी थी, जिनकी मांग हिंदू परिषद द्वारा की जा रही है।

अब यदि शासन के अंतिम पड़ाव में भी भाजपा अपने वादों को पूरा करने में विफल साबित रहती है तो ये भाजपा के मिशन 2019 की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बनकर सामने आएगा।

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खबरों के मुताबिक़ सोमवार को विश्व हिंदू परिषद ने बैठक में जल्द से जल्द राम मंदिर बनने, अनुसूचित जाति और जनजातियों के सशक्तिकरण पर जोर दिया गया।

विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट को जल्दी फैसला देना चाहिए। बाकी मामलों की तरह अगर सुप्रीम कोर्ट देर करता है तो हम साधु-संतों के पास जाएंगे। विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि देश के अंदर लगभग 62000 गांवों में एकल विद्यालय चल रहे हैं। आने वाले 2 वर्षों में यह संख्या 100000 के पार के जाने का अनुमान है। इसके अलावा भी उनके उत्थान के लिए कई और कार्य किए जाएंगे।

विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि वह केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपील करती है कि अतिशीघ्र भारतीय गौरक्षण एवं संवर्धन मंत्रालय का गठन करें। क्योंकि देश की कृषि पर्यावरण गोवंश एवं संविधान की भावना को बचाने का यही एकमात्र उपाय है।

वहीं विश्व हिंदू परिषद के कार्य अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि देश में रोहिंग्या मुसलमानों की बढ़ती संख्या बाहरी और आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरनाक है। इसलिए इस घुसपैठ को रोकने के लिए कानून बनाना चाहिए। भारत-बांग्लादेश सीमा को सील करना चाहिए। बीएसएफ के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसी तैनात करने और संसदीय समिति का गठन किया जाना चाहिए। जो घुसपैठिए हैं उनको वापस भेजा जाना चाहिए।

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