इस लापरवाही से हो सकता है ब्लैक फंगस, इससे बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

देश में कोरोना महामारी से मचा हाहाकार के बाद अब लोगों को ब्लैक फंगस जैसे संक्रमण का डर सता रहा है।

नई दिल्ली: देश में कोरोना महामारी से मचा हाहाकार के बाद अब लोगों को ब्लैक फंगस जैसे संक्रमण का डर सता रहा है। लोग ब्लैक फंगस के बारें में जानना चाहते है। बात करें बिहार की तो वहां पर अब तक ब्लैक फंगस के 50 से ज्यादा और यूपी में लगभग 20 मरीज मिल चुके है। जिनमें से कई स्वस्थ भी हो गए हैं। इस बीच, पटना स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि ब्लैक फंगस कोई नई बीमारी नहीं है। पहले भी यह बीमारी थी। उन्होंने कहा कि इससे डरने नहीं बल्कि सचेत और जागरूक होने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि कम इम्युनिटी वाले लोगों को मिट्टी से भी ब्लैक फंगस का संक्रमण हो सकता है। मिट्टी, नमी वाले स्थान, सड़ी वस्तुएं भी कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए ब्लैक फंगस का कारक हो सकते हैं। डॉ. अनिल कहते हैं, “यह फंगस पहले भी था लेकिन कोरोना काल में यह ज्यादा प्रचलित हुआ, क्योंकि अधिक स्टेरॉइड्स की दवा चलाई गई। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन देने के वक्त सावधानियां नहीं बरती गई.” डॉ. अनिल कहते हैं कि ऑक्सीजन सिलेंडर का पाइप, मास्क और हयूमिड फायर का पानी प्रत्येक 24 घंटे में बदला जाना चाहिए।

AIIMS के डाक्टर का मानना

पटना AIIMS के Telemedicine प्रमुख डॉक्टर अनिल का ऐसा मानना है कि कोरोना की खौफ में बिना किसी डाक्टर के सलाह के स्टेरॉयड लेना ब्लैक फंगस का कारण बन सकता है। कोरोना काल में संक्रमण के कारण अचानक से ऐसे मामले बढ़े हैं। इसमें शुगर हाई होना, स्टेरॉयड का हाईडोज लेना, बिना एक्सपर्ट की निगरानी के डेक्सोना जैसे स्टेरॉयड की हाई डोज लेना बड़ा कारण बन सकता है।

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