उत्तराखंड में Black Fungus महामारी घोषित, 7 लोगों की मौत, जानें क्या हैं लक्षण

उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, Uttarakhand में ब्लैक फंगस (Black Fungus) म्यूकोर्माइकोसिस से 7 लोगों की मौत हो गई है

देहरादून: उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, उत्तराखंड (Uttarakhand) में ब्लैक फंगस (Black Fungus) म्यूकोर्माइकोसिस से 22 मई तक 7 लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही राज्य में  ब्लैक फंगस के कुल 65 मरीजों का पता चला है, जिनमें से 61 मरीज AIIMS ऋषिकेश में भर्ती हैं। तेजी से फैलते इस बीमारी को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने ब्लैक फंगस (Black Fungus)  को महामारी घोषित किया है।

जानिए क्या है ब्लैक फंगस?

‘ब्लैक फंगस’ नाम की बीमारी म्यूकोर्मिकोसिस (Mucormycosis) नाम के फंगाइल से पैदा होती है। इस कारण ‘ब्लैक फंगस’ को म्यूकोर्मिकोसिस भी कहते है। इस बीमारी का समय पर इलाज नहीं हुआ तो मरीज की जान भी जा सकती या फिर मरीज की आंख निकालनी पड़ सकती है। ये बीमारी अधिकतर उन लोगों में ज्यादा होती है जो (Wet Condition) नमी वाले जगह में रहते है। जिनका इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होता है। जो शुगर के मरीज है। या ऐसी दवा लेते हो जो इम्यूनिटी (Immunity) को कमजोर करती हैं। ऐसे लोगों में ‘ब्लैक फंगस’ का खतरा और ज्यादा होता है।

लेकिन कोरोना वायरस के दूसरी लहर में ‘ब्लैक फंगस’ अचानक तेजी से फैल रही है। इसका मुख्य कारण यह है कि, कोरोना के सीरीयस मरीजों को डॉक्टर इलाज के दौरान स्टेरॉयड (Steroid tablets) टैब्लेट देते है इससे शुगर लेवल बढ़ता है। लेकिन इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। इसलिए कोरोना के मरीजों को ठीक होने के बाद ‘ब्लैक फंगस’ होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। इस वक्त ब्लैक फंगस के ज्यादातर मरीज वो हैं जो कोरोना (Corona) से ठीक हो चुके हैं।

‘ब्लैक फंगस’ (Black Fungus) के लक्षण-

  • आंखों का लाल होना
  • होठों पर सूजन
  • थकान और सिर दर्द
  • धड़कन तेज,
  • सीने में दर्द होना
  • हाथों और पैरों में सूजन
  • शरीर पर गांठ बनना
  • लगातार बुखार
  • उल्टी और पेट दर्द
  • त्वचा पर चकते
  • बुखार और खांसी-जुकाम
  • थकान और दस्त
  • गले में खराश
  • मांसपेशियों में दर्द
  • सांस लेने में दिक्कत

Black Fungus से बचने के उपाय-

  • दिल्ली AIIMS में न्यूरोलॉजी विभाग की डॉक्टर एमवी पद्म श्रीवास्तव के मुताबिक स्टेरॉयड नहीं लेना चाहिए।
  • ओवर द काउंटर दवाएं नहीं लेना चाहिए।
  • खुद से ही दवाई लेने से बचना चाहिए।
  • मधुमेह यानी की शुगर के मरीज अपना शुगर कंट्रोल करें।
  • एंटी बायोटिक दवाएं सोच-समझकर लें।
  • सावधानी बरतें।
  • साफ-सफाई का ध्यान रखें।
  • जिससे ऑक्सीजन जानें के रास्ते साफ रहें।

यह भी पढ़ेओलंपिक पदक विजेता पहलवान को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार, 1 लाख का था इनाम

 

 

Related Articles