आपदा में अवसर ढूंढ रहे Black marketing! पुलिस ने फर्जी इंजेक्शन बनाने वाले गिरोह को किया गिरफ्तार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश इस समय कोरोना की गिरफ्त में है और वही राजधानी लखनऊ के अस्पतालों में त्राहि त्राहि मची हुई है। वहीं दूसरी तरफ इस महामारी के बीच जीवन रक्षक दवाओं की किल्लत हो गई है। इस महामारी में कुछ आपदा में अवसर ढूंढ रहे है। कोविड महामारी में लोगो की जान से खिलवाड़ करने वाले बाज नही आ रहे है। कलाबाजारी (Black marketing) करने वाले फर्जी तरीके से रेमडेसिविर इंजेक्शन तैयार कर काफी अधिक मूल्य पर मजबूरी का फायदा उठाते हुए कालाबाजारी (Black marketing) कर रहे है।

इस कालाबाजारी पर लगाम चला रहे अभियान के हेतु गठित थाना अमीनाबाद की टीम द्वारा एक सूचना के आधार पर संक्रिय गैंग के पांच सदस्य मनीष तिवारी उर्फ तपन, विकास कुमार दीक्षित, मोहित पाण्डेय, प्रवीण वर्मा व अब्दुश सुफियान को आज थाना क्षेत्र में भिन्न-भिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया गया।

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इंस्पेक्टर ने किया खुलासा

थाना अमीनाबाद के इंस्पेक्टर आलोक कुमार राय ने बताया है कि मनीष तिवारी उर्फ तपन व विकास कुमार दीक्षित के द्वारा कोरोना जैसे गभ्भीर महामारी का अवसर उठाते हुए रेमेडेसीवर इंजेक्शन का रैपर (लेवल) जिसका बाजारी मूल्य 4800 रुपया है, पीआईपी टी इंजेक्शन जिसका बाजारी मूल्य 98 रुपया है, उसपर चिपकाते थे एवं अपने सहयोगी मोहित पाण्डेय, प्रवीण  के माध्यम से कोरोना महामारी से पीड़ित लोगो की जान से खिलवाड़ करते थे। फर्जी इंजेक्शन तैयार करते हुए लोगो की मजबूरी का फायदा उठाते हुए कालाबाजारी करते हुए एक इन्जेक्शन 15 से 20 हजार रुपये में बेच रहे थे।

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बरामद हुआ समान

गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से 240 पीस पीआईपी टी इंजेक्शन पैकेट, 59 पीस रैमडी सिवर इन्जेक्शन की शीशी, 4224 रैमडी सिवर इन्जेक्शन की लेवल, बिक्री माल के नगदी 81840 रुपये एवं एक स्पेलेण्डर प्लस मोटरसाइकिल बरामद हुआ। गिरफ्तार अभियुक्तो के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।

 

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