फिर होगी तबाही की बारिश! मौसम विभाग ने जारी किया ‘हाई एलर्ट’

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देहरादून। तीन कर्मियों की सतर्कता और सजगता ने 20 लोगों की मौत को टाल दिया। अगर जरा सी भी देर होती तो इनमें से किसी का भी भाग पाना मुश्किल होता। बताया जा रहा है कि यहां देर रात अचानक बादल फट जाने की वजह से किचगाड़ नदी में उफान आ गया। ये उफान इतना भयानक था कि अपने संग आस-पास के इलाकों में ये तबाही मचा गया। इसी दौरान ढाडरबगड़ कस्बे में व्यापारी दुकानों में सो रहे थे। इलाके में मौजूद सभी लोगों को वन कर्मियों ने फोन कर और सीटियां बजाकर जगाया। इस तरह उन पर आने वाली बड़ी मुसीबत टल गई। मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों को इस बात की हिदायत दी है कि इस तरह की घटना अगले 48 घंटों में दोबारा दोहरा सकती है।

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किचगाड़ नदी में उफान

खबरों के मुताबिक़ मनोहर पोखरिया ने बताया कि रात्रि को एक बजे जैसे ही सामने किचगाड़ नदी में उफान की आवाज आई तो तीनों कर्मी बाहर आए। उन्होंने सर्च लाइटों के सहारे देखा तो किचगाड़ उफान पर था और पानी कस्बे की ओर बढ़ रहा था।

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उन्होंने तत्काल ढाडरबगड़ कस्बे में दुकानों में सो रहे व्यापारियों को फोन कर और सीटियां बजाकर जगाया। इस दौरान ढाडरबगड़ में करीब 20 से अधिक लोग थे। वन कर्मियों के जगाने पर सभी लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। इससे यहां कोई जनहानि नहीं हुई।

राजस्व उपनिरीक्षक डुंग्री राजकुमार सिद्घवान ने बताया कि उन्हें देर रात रात दो बजे बुरसोल के प्रधान रणजीत सिंह ने फोन पर गांव में बादल फटने की सूचना दी। उन्होंने तत्काल जिला आपदा कंट्रोल रूम को भी सूचना दी।

थराली-डुंग्री मोटर मार्ग चार स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से प्रशासन की टीम को थराली से ढाडरबगड़ कस्बे तक 27 किमी की दूरी तय करने में पांच घंटे लग गए।

टीम को अधिकांश पैदल ही रास्ता तय करना पड़ा। सोमवार तड़के चार बजे रवाना हुई प्रशासन की टीम प्रात: नौ बजे मौके पर पहुंच पाई।

एसडीएम रोहित मीणा के नेतृत्व में पहुंची टीम ने कस्बे में नुकसान का जायजा लिया। एसडीएम ने कहा कि सभी प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

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