अनोखा तरीका लॉकडाउन में घर पहुंचने का ऐसे कर रहे बॉर्डर क्रॉस

नईदिल्ली: लॉकडाउन में मेट्रो शहरों में फंसे प्रवासी मजदूर सैकड़ों किलोमीटर अपने घर वापस लौटने के लिए अनोखा तरीका अपना रहे हैं. लॉकडाउन के चलते अलग-अलग राज्यों ने अपने अलग-अलग नियम बना रखे हैं जिसके चलते एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर लोग फंस रहे थे. ऐसे में कुछ लोग लंबी दूरी तय करने के लिए स्मार्ट तरीका अपना रहे हैं. ऐसा ही एक मामला रविवार को मध्य प्रदेश के भोपाल में देखने को मिला जहां बायपास के पास लोग जमा थे. जब उनके बारे में पता किया तो सामने आया कि वह दूसरे राज्यों से आए हुए हैं और अब यहां से ट्रक बदलकर अपने राज्यों में जाने वाले हैं. ऐसे ही एक शख्स से बात की तो उसने अपना नाम अरुण यादव बताया. अरुण ने बताया कि वह बेंगलुरू से 6 दिन पहले चले थे. अभी करीब 1500 किलोमीटर का सफर कर यहां तक आ पाए, अभी गोरखपुर का हजार किलोमीटर का सफर और बाकी है. जब उनसे पूछा गया कि 6 दिन में इतनी जल्दी यहां पैदल चलते हुए कैसे आ गए? तब उसने जवाब दिया कि पैदल तो वह सिर्फ बॉर्डर क्रॉस करने के लिए चलते हैं. हम तो बेंगलुरू से एक ट्रक में चले तो 1300 रुपये देकर महाराष्ट्र बॉर्डर तक आ गए. वहां से फिर एक ट्रक को 300 रुपये दिए तो उसने मध्य प्रदेश बॉर्डर तक छोड़ दिया.

मध्य प्रदेश बॉर्डर से किसी तरह यहां लिफ्ट लेकर आए और अब यहां से यूपी बॉर्डर पर झांसी तक चले जाएंगे. अब यह उस ट्रक वाले पर निर्भर करता है कि वह कितना पैसा लेता है. बता दें कि देश में कोरोना वायरस की वजह से पहली बार 25 मार्च को 21 दिन के लिए लॉकडाउन लगा था जिसमें आवागमन के सार्वजनिक साधन बंद कर दिए गए थे. उसके बाद 15 अप्रैल को लॉकडाउन का दूसरा दौर शुरू हुआ जो 19 दिन चला. इसके बाद 4 मई से 17 मई तक लॉकडाउन का तीसरा दौर चल रहा है. इस बार देश के जिलों को ग्रीन, ऑरेंज और रेड जोन में बांटा गया है जिसमें आवागमन के साधनों में भी कुछ छूट दी गई है.

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