फिर से पैदा हुए ‘अटल बिहारी वाजपेयी’, जानिए किस राज्य में हुआ है जन्म

लखनऊ: हिन्दी कवि, पत्रकार, एक प्रखर वक्ता, भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी जी भले ही हमारे साथ अब इस दुनिया में न हो लेकिन उनका नाम हमेशा-हमेशा के लिए अजर-अमर हो गया है। अपने कर्तव्य, कर्म और देशभक्ति से उन्होने लोगों के दिलों में खास जगह बना ली थी जिसकी वजह से लोग उन्हे और उनके कार्यों को कभी नहीं भूलेंगे।

फिर से पैदा हुए ‘अटल बिहारी वाजपेयी’, जानिए किस राज्य में हुआ है जन्म          

हमेशा से ऐसी मान्यता रही है की मृत्यु के बाद इंसान का किसी न किसी रूप में पुनः जनम होता है। या हम किसी व्यक्ति को इतना पसंद करते हैं कि उनके व्यक्तित्व व नाम को ज़िंदा रखना चाहते हैं। ऐसा ही लखनऊ का एक वाक्य सामने आया है।

Prime Minister Atal Bihari Vajpayee. Express archive photo

राजधानी के गोमती नगर निवासी रुद्र प्रताप सिंह के घर 16 अगस्त को पुत्र का जन्म हुआ। उनकी पत्नी स्मृति और रुद्र प्रताप सिंह ने अपने बेटे का नाम अटल रखा। उन्होंने कहा कि आज अटल बिहारी वाजपेयी इस दुनिया को छोड़ कर चले गए इस दिन मेरे बेटे का जन्म हुआ है। इस लिए हम लोगों ने निर्णय लिया है कि बेटे का नाम अटल रखेंगे और उन्होंने अपने बेटे का नाम अटल रख दिया। उन्होंने बताया कि यह खूशी की बात होगी की हमारे बेटे का नाम हम अटल रख रहे हैं।

इस परिवार में अटल जी के लिए बेहद सम्मान भरा हुआ है। उनका कहना है कि अटल बिहारी वाजपेयी एक ऐसी शख्सियत थे जिनके नाम पर अपने बेटे का नाम रखना गौरव की बात है। उनहोंने आगे कहा कि अटल जी लखनऊ से कई बाद लोकसभा सांसद रहे, उनको हमें नजदीक से देखने का सौभाग्य मिला, जब उनकी सभा लखनऊ में होती थी तो हम उन्हें सुनने जरूर जाते थे।

अटल जी के लिए उनहोंने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि वे ऐसे नेता थे कि उनकी बातों में जरा भी लाग-लपेट नहीं होती थी। वे अपने भाषण में विरोधियों पर वार भी ऐसे करते थे जैसे मानों उन्हें समझा रहे हैं। राजनीति में उनका विरोधी भी उनका करीबी बन जाता था। हमारे पुत्र का जन्म 16 अगस्त को हुआ। इस दिन अटल बिहारी वाजपेयी का देहांत हुआ, वैसे अटल जी के जाने का दुख तो उनके हर चाहते वाले को है, लेकिन हमारे घर में बेटे के जन्म पर हमने उसका नाम अटल रखने का निर्णय लिया, इससे हमारे जेहन में हमेशा अटल बिहारी बाजपेयी की यादें ताजा रहेंगी।

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