बाहुबली मुख्तार अंसारी के दोनों सालों को मिली बडी राहत

याचियों पर गिरोह बनाकर जमीन हथियाने और बेनामी खरीद से संपत्ति बनाने के आरोप में दो आपराधिक मामले दर्ज है. याचिका मे गाजीपुर कोतवाली में दर्ज FIR  को रद्द करने की मांग की गयी थी.

प्रयागराज: इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बाहुबलि मुख्तार अंसारी के दो सालों को बडी राहत दी है. दोनों सालों की गिरोहबंद कानून के तहत दर्ज FIR पर पुलिस रिपोर्ट पेश होने तक गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. न्यायालय ने याचियों को पुलिस विवेचना मे सहयोग करने का निर्देश दिया है. विवेचना शीघ्र पूरी करने का भी निर्देश दिया है.

न्यायमूर्ति मनोज मिश्र तथा न्यायमूर्ति एस के पचौरी की खंडपीठ ने मुख्तारअंसारी के साले अनवर शहजाद एवं सरजील रजा की याचिका पर यह आदेश दिया है.

याचियों पर गिरोह बनाकर जमीन हथियाने और बेनामी खरीद से संपत्ति बनाने के आरोप में दो आपराधिक मामले दर्ज है. याचिका मे गाजीपुर कोतवाली में दर्ज FIR  को रद्द करने की मांग की गयी थी. याचियों का कहना था कि शुरू में पुलिस ने संजय सिंह के खिलाफ चार्जशीट तैयार की और विवेचना के दौरान याचियो को पूरक चार्जसीट मे शामिल कर लिया गया है. उन्हें झूठा फंसाया गया है.

याचियो के साथ अफसा अंसारी एवं तीन लोगों का गिरोह बताया गया है और संजय सिंह को गैंग से बाहर कर दिया गया है. जिसके आधार पर याचियों की जमानत हो चुकी है. FIR में बेनामी संपत्ति का खुलासा नही किया गया है. कहा गया है कि मुख्तार अंसारी के साले होने के नाते फंसाया गया है.

न्यायालय ने प्राथमिकी को रद्द करने से इंकार करते हुए विवेचना शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया है.

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