सीएम योगी के इस फरमान से न रहेंगे गुल न रहेगा गुलिस्तां

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लखनऊ| हाल ही पीएम मोदी ने ट्वीट कर लोगों से अपील की थी कि जब आप किसी से मिलें उसे गुलदस्ते की जगह किताब भेंट करें। उसके बाद पीएमओ की तरफ से आधिकारिक बयान भी जारी किया गया था। वहीं अब पीएम मोदी की पद चिन्हों पर चलते हुए सीएम योगी ने भी अपने अधिकारियों और मिलने वालों को फरमान जारी किया है कि गुलदस्ते (बुके) की जगह पुस्तकें या एक फूल ही भेंट किया जाए।

सूचना विभाग के प्रमुख सचिव अवनीश कुमार अवस्थी की ओर से 1 अगस्त को यह आदेश जारी किया गया है। सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि शासकीय कार्यक्रमों, समारोहों में फिजूलखर्ची न की जाए। अब गुलदस्ता और बुके देने की जगह एक फूल या किताब ही भेंट किया जाए।  इस फरमान के पीछे सरकार की योजना फिजूलखर्ची रोकने और समाज में पढ़ाई का माहौल बनाना है।

ससे पहले भी सीएम योगी आदित्यनाथ ने महंगी लग्जरी गाड़ियां खरीदने पर लगाई रोक लगा दी थी।  उन्होंने खुद अपनी फ्लीट में ही नई गाड़ी को​ शामिल करने से मना कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों में वीआईपी व्यवस्था को भी उन्होंने मना कर दिया था। उन्होंने आदेश दिया कि मंत्री आवासों की सज सज्जा पर भी ज्यादा खर्च न किया जाए।

सीएम योगी के बुके न देने के फरमान से गुलदस्ते के कारोबार में 25 फीसदी तक गिरावट आने की संभावना है। इस निर्णय को लेकर गुलदस्ता व बुके कारोबारियों के बीच काफी हलचल देखने को मिल रही है। लखनऊ के चौक इलाके में गुलदस्ते का कारोबार करने वाले एक व्यापारी का कहना है कि फूलों के गुलदस्ते सबसे अधिक प्राइवेट पार्टियों में ही जाते हैं, लेकिन सरकारी कार्यक्रमों में भी इनकी खासी मांग रहती है।

कारोबारियों का कहना है कि हर महीने बिकने वाले गुलदस्तों का करीब 25 फीसदी तक का कारोबार सरकारी विभागों में होता है। सरकारी कार्यक्रमों में बुके भेजना बंद होने से इसके कारोबार पर बुरा असर पड़ेगा। आदेश के बाद अब ये आर्डर बंद हो जाएंगे, जिससे काफी असर पड़ेगा।

सरकार के इस फैसले को लेकर प्रमुख सचिव (सूचना) अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि प्राय: देखने में आता है कि शासकीय कार्यक्रमों व समारोहों में सम्मानित अतिथियों को बड़े पुष्पगुच्छ (बुके) भेंट किए जाते हैं, जिसमें अधिक संख्या में फूलों का उपयोग किया जाता है  उन्होंने कहा कि अब प्रेरणादायी पुस्तकें या एक फूल भेंट किए जाएंगे। इससे फिजूलखर्ची रोकी जा सकेगी।

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