ब्रेन डेड‌ नन्ही परी नहीं दे पाई युवती को जीवनदान, सच जान हो जाएंगे रोंगटे खड़े

नई दिल्ली। सिलीगुड़ी की रहने वाली 15 साल की ब्रेन डेड‌ बच्ची मल्लिका मजूमदार की किडनी निकालकर मौमिता चक्रवर्ती नाम की एक 24 साल की युवती के शरीर में प्रतिस्थापित की गई थी लेकिन उसकी भी जान नहीं बचाई जा सकी है। सोमवार की सुबह 2:45 बजे एसएसकेएम अस्पताल में ही मौमिता ने भी दम तोड़ दिया है।

वह उत्तर 24 परगना के खरदा की रहने वाली थी। दरअसल शुक्रवार को सिलीगुड़ी की मल्लिका मजूमदार को एसएसकेएम अस्पताल में ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। उसके बाद उसके परिजनों की सहमति से उसकी दोनों किडनियां, दोनों आंखें, हृदय, लीवर और फेफड़े निकालकर अंगदान के लिए संरक्षित किए गए थे। सबसे कम उम्र में सबसे अधिक अंगदान का रिकॉर्ड मल्लिका के नाम दर्ज हुआ है। पश्चिम बंगाल सरकार ने भी उसे राष्ट्रीय सम्मान और परिजनों को आर्थिक मदद की घोषणा रविवार को की है।

इस बीच मल्लिका की किडनी को एसएसकेएम अस्पताल में इलाजरत मौमिता चक्रवर्ती के शरीर में शनिवार की रात प्रतिस्थापित किया गया था लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। अस्पताल की ओर से बताया गया है कि मौमिता ने सोमवार सुबह 2:45 बजे दम तोड़ दिया। उसकी दोनों किडनी खराब थी एवं उसकी जान बचाने के लिए मल्लिका की एक किडनी उसके शरीर में प्रतिस्थापित की गई थी।

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