BRD: जूनियर डॉक्टर सहित गार्डों की गुंडई वाली असलियत आई सामने, मृतक के परिजनों को दौड़ा के पिटा

गोरखपुर का BRD मेडिकल कॉलेज इंसानियत को शर्मसार करने का एक से बढ़कर एक रिकॉर्ड बना लेता है. यह वही हॉस्पिटल है जहां ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की जान चली गई थी. अब इसी हॉस्पिटल में इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक और मामला आया है. मरीज की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज के गॉर्ड तीमारदारों पर कहर बनकर टूट पड़े. जिसका वीडियो वायरल हो रहा है. गार्डों ने परिजनों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा.

गोरखपुर के बेलीपारा थाना क्षेत्र के कलईन निवासी सतीश शुक्ला की पत्नी अंशु शुक्ला को ईलाज के लिए BRD मेडिकल कॉलेज लाया गया. ईलाज मे देरी होने पर परिजनों ने डाक्टर से जा कर कहा कि मरीज को देख लें. इस पर डाक्टर ने कहा की यहां से अपने मरीज को लखनऊ ले जाइए. थोड़ी ही देर बाद मरीज की तबियत बिगड़ने लगी और मौत हो गई.

परिजनों ने दोबारा डॉक्टर से मरीज को देखने को कहा इस पर डाक्टर ने परिजनो को वहां से भगा दिया. दोबारा परिजन अपने मरीज़ की मौत की पुष्टि कराने के लिए वार्ड नम्बर 14 में ले गये तो वार्ड मे तैनात गार्ड ने जाने से रोक दिया जिसपर बहस हो गयी. जिसके बाद तमाम गार्ड जुट गये और परिजनों को दौडा दौड़ा कर मारने पीटने लगे.

इस दौरान मृतका की लाश स्ट्रेचर पर पड़ी रही. और गार्ड उसके बेटे को डंडों से पीटते रहे. गार्डों ने महिलाओं से धक्कामुक्की करने में भी संकोच नहीं किया. गार्डों ने मरीज के परिजनो को ट्रामा सेटर बीआरडी मेडिकल कालेज के मेन गेट तक दौड़ा-दौड़ा कर पीटा और भगा दिया. इस मामले में पीड़ित परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है जिसकी वजह से पुलिस या मेडिकल प्रशासन इस मामले में कुछ भी बोलने से इंकार कर रहा है.

जूनियर डॉक्टर ने इलाज से किया इनकार

तीमारदार महिला को नाजुक हालत में लेकर मेडिसिन वार्ड पहुंचे। वार्ड में सिर्फ एक जूनियर डॉक्टर मौजूद रहा। डॉक्टर ने बगैर इलाज किए ही महिला को लखनऊ ले जाने की सलाह दे दी। परेशान तीमारदार मरीज को लेकर वार्ड के बाहर निकल आए। कुछ ही मिनट बाद मरीज के शरीर में हरकत बंद हो गई। अनजानी आशंका से सहमे तीमारदार उसे दोबारा मेडिसिन वार्ड में लेजाने लगे।

वार्ड में जाने से गार्ड ने रोका

मेडिसिन वार्ड के बाहर खड़े गार्डों ने मरीज को दोबारा वार्ड में ले जाने से रोक दिया। इस पर तीमारदार गार्डों से उलझ गए। इसी बीच जूनियर डॉक्टर भी वहां पहुंच गया। डॉक्टर के इशारे पर गार्डों ने तीमारदारों पर हमला कर दिया।

महिलाओं पर चटकाईं लाठियां

कालेज के एक दर्जन गार्डों ने तीमारदारों को पीटने में कोई नरमी नहीं दिखाई। बीच बचाव करने पहुंची महिलाओं पर गार्डों ने लाठियां चटकाई। मेडिसिन वार्ड से तीमारदारों को पीटते हुए गार्ड ट्रॉमा सेंटर के बाहर लेकर आए। इस दौरान स्ट्रेचर पर महिला का शव इधर से उधर होता रहा।

दूसरे मरीज भी हुए गार्डों के गुस्से का शिकार

गार्डों के गुस्से का शिकार अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे दूसरे मरीज भी हुए। सर्जरी में भर्ती प्रियंका के भाई मुन्ना को भी नाराज गार्डों ने पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। घटना के समय वह दवा लेने बाहर जा रहा था। इसके अलावा महिलाओं को बचाने के लिए पहुंचे दूसरे मरीजों के तीमारदारों पर भी गार्डों का गुस्सा फूटा।

पुलिस के सामने गार्डों ने दिखाई दबंगई

किसी ने इसकी सूचना 100 नंबर पर पुलिस को दे दी। एक पीआरवी के अलावा मेडिकल कालेज चौकी से सिपाही व दारोगा ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। पुलिस के सामने भी गार्डों की गुण्डई जारी रही। किसी तरह से गार्डों के चंगुल से तीमारदारों को पुलिस ने बचाया। मौके से तीमारदारों की गाड़ी पुलिस ने कब्जे में ले ली।

तीमारदारों से मारपीट हुई है। इसकी सूचना मिली है। जानकारी कर रहा हूं। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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