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कोरोना पर चुप्पी तोड़ FORMER PM ने खत लिख मोदी सरकार को सुझाए यह कदम

नई दिल्ली : देश के FORMER प्राइम मिनिस्टर डॉ. मनोमोहन सिंह ने रविवार को मौजूदा PM मोदी को एक ख़त लिख सरकार को सलाह दी की कोरोना की इस भयानक दूसरी लहर से कैसे निबटा जाए। अपने इस खत में देश में चल रहे टीका उत्सव (vaccination process) पर ज़ोर देते हुए उन्होंने कहा की यह ही पेण्डामिक से निपटने का सबसे असरदार तरीका है।

इसी के साथ साथ उन्होंने कहा की हमें इस बात पर फोकस करना चाहिए की कैसे हम जल्द से जल्द अपनी आबादी के बड़े हिस्से वैक्सीनेट कर सकते हैं। उन्होंने कहा की वैक्सीन के प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन पर सेंटर और राज्य सरकरों को तालमेल बना कर काम करने की ज़रुरत है।

आप की जानकारी के लिए बता दें कि भारत में तेज़ी से फैल रहा यह कोरोना का नया वैरिएंट जिसे डबल म्यूटेंट वैरिएंट कहा जाता है।इसी की बदौलत भारत अमेरिका के बाद दुनिया का कोरोना की मार से पीड़ित दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है।

FORMER PM के सुझाओ पर एक नज़र 

मनमोहन सिंह ने कहा कि सबसे पहले सरकार को अगले छह महीने के लिए टीकों के दिए गए ऑर्डर, टीके राज्यों के बीच बांटे कैसे जाएंगे, इस बारे में बताना चाहिए। उन्होंने कहा, सरकार को यह बताना चाहिए कि अलग-अलग वैक्सीन मैन्युफैक्चरर को कितने ऑर्डर दिए गए हैं, जिन्होंने अगले छह महीने में डिलीवरी का वादा किया है। अगर हम बड़े स्केल पर लोगों को वैक्सीन लगाना चाहते हैं तो हमें एडवांस में ऑर्डर दे देने चाहिए ताकि मैन्युफैक्चरर समय से डेलिवरी कर सकें।

खत में उन्होंने दूसरी सलाह यह दी है कि सरकार को यह बताना चाहिए कि इन वैक्सीन का डिस्ट्रीब्यूशन राज्यों के बीच किस तरह किया जाएगा। इसी के साथ साथ उन्होंने अपने खत में कहा की किसे फ्रंट लाइन वर्कर तय करना है इसकी छूट राज्यों को होनी चाहिए। जिससे कम उम्र के लोगों को भी जल्द से जल्द वैक्सीन लगाई जा सके।

एक्स प्राइम मिनिस्टर ने देश के बायोटेक सेक्टर की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले कुछ दशकों में भारत सबसे बड़े वैक्सीन उत्पादक के रूप में उभरा है। इसी कड़ी में उन्होंने कहा की भारत सरकार को चाहिए की वह वैक्सीन उत्पादकों को रियायत दे, ताकि वह तेजी से अपनी वैक्सीन मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का बढ़ा सकें।

मनमोहन सिंह ने यह भी कहा कि अभी देशी वैक्सीन के घरेलू सप्लायर सीमित हैं। लिहाजा कोई भी वैक्सीन जिसे European Medical Agency या USFDA ने मंजूरी दे दी हो, सरकार को भी उसे बिना ट्रायल तुरंत मंज़ूरी दे देनी चाहिए।

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