ब्रिटेन, द. अफ्रीका में पाये गये कोरोना वायरस के नये रूप से वैंकेया हुए अवगत

उपराष्ट्रपति ने सीसीएमबी में कोरोना वायरस के नए स्वरूप का भारत में होने वाला संभावित प्रभाव और वायरस के विभिन्न पहलुओं पर किए जा रहे कार्यों के बारे में जानने की इच्छा व्यक्त की थी।

हैदराबाद: सेंटर फार सेलुलर एंड मॉलीक्यूलर बॉयोलॉजी के निदेशक डाॅ. राकेश मिश्रा ने गुरुवार को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की और उन्हें हाल ही में ब्रिटेन तथा दक्षिण अफ्रीका में पाये गये कोरोना वायरस के नये स्वरूप से अवगत कराया।

डाॅ. मिश्रा ने उपराष्ट्रपति को बताया कि कोरोना वायरस के नये स्वरूप से टीकों की प्रभावशीलता में परिवर्तन की संभावना कम है। इसके अलावा, ऐसा कोई सबूत नहीं है जो बताता है कि नया स्वरूप मरीजों के लिए अधिक नुकसानदेह है, हालांकि वे अधिक संक्रामक हैं। उन्होंने बताया कि वायरस के इस स्वरूप से भी उसी तरह निपटा जा सकता है जिस तरह उसके पहले रूप से निपटने की तैयारी की जा रही है।

उपराष्ट्रपति ने सीसीएमबी में कोरोना वायरस के नए स्वरूप का भारत में होने वाला संभावित प्रभाव और वायरस के विभिन्न पहलुओं पर किए जा रहे कार्यों के बारे में जानने की इच्छा व्यक्त की थी। जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक इस अवसर पर सीसीएमबी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. के लक्ष्मी राव भी मौजूद थे। डा. मिश्रा ने नायडू को बताया कि इस बात की जांच की जा रही है कि भारत में कोरोना वायरस का नया स्वरूप मौजूद है या नहीं।

यह भी पढ़े:

Related Articles