गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे ब्रिटिश प्रधानमंत्री

ब्रिटिश विदेश मंत्री ने कहा कि उनके प्रधानमंत्री बोरिस जानसन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अगले साल होने वाले G-7 के शिखर सम्मेलन में ब्रिटेन आने का निमंत्रण दिया है।

नई दिल्ली: भारत की चार दिवसीय यात्रा पर आये ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने बताया कि अगले साल गणतंत्र दिवस समारोह में ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन मुख्य अतिथि के रूप से शामिल होंगे। विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने बैठक में भारत और ब्रिटेन के बीच अपने द्विपक्षीय रणनीतिक साझीदारी को ऊंचाई पर ले जाने के लिए पांच सूत्रीय एजेंडा तय किया।

जयशंकर और राब के बीच द्विपक्षीय बैठक

भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर और ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब के साथ द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के बाद डॉमिनिक राब ने पत्रकारों से बताया कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अगले साल गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप से शामिल होने के भारत के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है।

26 जनवरी में भारत आएंगे बोरिस जानसन

ब्रिटिश विदेश मंत्री ने कहा कि उनके प्रधानमंत्री बोरिस जानसन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अगले साल होने वाले G-7 के शिखर सम्मेलन में ब्रिटेन आने का निमंत्रण दिया है और बोरिस जानसन ने अगले साल 26 जनवरी को नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने की सहमति दे दी है जो हमारे लिए एक बड़ा सम्मान है।

जयशंकर ने जाहिर की खुशी 

गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोरिस जानसन के आने के निमंत्रण को स्वीकार करने पर भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने खुशी जाहिर की। और कहा, “गणतंत्र दिवस परेड में जानसन का आना हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक नये युग की शुरुआत का एक अहम संकेत होगा।”

विदेश मंत्री ने कहा कि बैठक में हमने अफगानिस्तान की स्थिति की समीक्षा की और हिन्द प्रशांत क्षेत्र की प्रासंगिकता और पश्चिम एशिया की गतिविधियों की समीक्षा की और आतंकवाद, मजहबी कट्टरवाद के कारण उत्पन्न चुनौतियों पर चिंताएं साझा की।

‘साझीदारी को गहन बनाना चाहते हैं’

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कहा कि हम भारत के साथ अपनी आर्थिक साझीदारी को विस्तृत और गहन बनाना चाहते हैं। हम भारत के साथ मजबूत रक्षा और सुरक्षा साझीदारी स्थापित करना चाहते हैं जो आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा के मुद्दों को हल करने में मददगार होगी जिनमें पश्चिमी हिन्द महासागर में जलदस्युओं की समस्या शामिल है। उन्होंने कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की वापसी का स्वागत करते हैं।

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