देहरादून में वायु प्रदूषण का टूटा रिकॉर्ड, मानक से सात गुना अधिक दूषित हवा

देहरादून। कभी स्वच्छ वातावरण के लिए मशहूर दून अब सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की श्रेणी में गिने जाने लगा हैं। शहर में वायु प्रदूषण के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं। लोगों का सांस लेना भी दूभर होता जा रहा है। इसके चलते इसके चलते लोगों को न केवल स्वास्थ्य संबंधी बीमारियाँ हो रही, अपितु ह्रदय रोग भी उन्हें शिकंजे में कसता जा रहा है।

Air Pollution

बुधवार को पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने क्लीन एयर एशिया व गति फाउंडेशन की और से आयोजित कार्यशाला में अपनी रिपोर्ट पेश की जिसके तहत दून में पीएम-10 व पीएम-2.5 का स्तर मानक से पांच से सात गुना तक अधिक पाया गया है।

वायु प्रदूषण की रिपोर्ट को सार्वजनिक करते हुए बीएचईएल के सहायक महाप्रबंधक अंबरीश कुमार ने बताया कि दून के विभिन्न क्षेत्रों पार्टिकुलेट मैटर (पीएम)-10 व पीएम-2.5 के स्तर की जांच की गई। प्रदूषण के वाजिब कारणों को जानने के लिए सर्दी, गर्मी व बारिश के बाद के मौसम के भी आंकड़े लिए गए।

पता चला कि पीएम-10 का जो औसत स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए, उसका अधिकतम स्तर सात गुना तक पाया गया। वहीं, पीएम-2.5 का औसत स्तर 40 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। जबकि यह करीब छह गुना से अधिक पाया गया। प्रदूषण की अधिकतर दर सर्वे चौक क्षेत्र में पाई गई।

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