BSF का 18वां अलंकरण समारोह, गृह मंत्री Amit Shah ने किया जवानों को सम्मानित

सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 18वें अलंकरण समारोह में गृह मंत्री अमित शाह ने लिया हिस्सा, इस दौरान उन्होंने कहा मैं उन लोगों को सलाम करता हूं जिन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया है

नई दिल्ली: सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 18वें अलंकरण समारोह में गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने लिया हिस्सा। इस दौरान उन्होंने कहा मैं उन लोगों को सलाम करता हूं जिन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया है क्योंकि पूरा देश जानता है कि आप सजग बनकर देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं, इसी कारण आज देश लोकतंत्र के अपनाए हुए विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं, उन बलिदानियों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

गृह मंत्री अमित शाह ने बोला घुसपैठ, मानव तस्करी, गौ तस्करी, हथियारों की तस्करी, ड्रोन..ये सभी चुनौतियां हैं लेकिन मुझे पैरामिलिट्री फोर्स पर पूरा विश्वास है कि वे सभी चुनौतियों को पार सीमा सुरक्षा को सुनिश्चित करेंगे।

विश्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल

सीमा सुरक्षा बल भारत का एक प्रमुख अर्धसैनिक बल और विश्व का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल है। जिसका गठन 1 दिसम्बर 1965 में हुआ था। इसकी जिम्मेदारी शांति के समय के दौरान भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं पर निरंतर निगरानी रखना, भारत भूमि सीमा की रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अपराध को रोकना है। इस समय BSF की 188 बटालियन है और यह 6,385.39 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करती है जो कि पवित्र, दुर्गम रेगिस्तानों, नदी-घाटियों और हिमाच्छादित प्रदेशों तक फैली है। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों में सुरक्षा बोध को विकसित करने की जिम्मेदारी भी बीएसएफ को दी गई है। इसके अलावा सीमा पर होने वाले अपराधों जैसे तस्करी/घुसपैठ और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने की जवाबदेही भी इस पर है।

1971 के भारत-पाकिस्तानी युद्ध में BSF की क्षमताओं का इस्तेमाल उन क्षेत्रों में पाकिस्तानी ताकतों के खिलाफ किया गया था जहां नियमित बल कम फैल गए थे। बीएसएफ सैनिकों ने लांगवाला की प्रसिद्ध लड़ाई समेत कई परिचालनों में हिस्सा लिया। वास्तव में बीएसएफ के लिए दिसम्बर 71 में युद्ध वास्तव में टूटने से पहले पूर्वी मोर्चे पर युद्ध शुरू हो गया था। बीएसएफ ने “मुक्ति बहनी” का हिस्सा प्रशिक्षित, समर्थित और गठित किया था और वास्तविक शत्रुताएं टूटने से पहले पूर्व पूर्वी पाकिस्तान में प्रवेश कर चुका था। बीएसएफ ने बांग्लादेश के लिबरेशन में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) और शेख मुजीबुर रहमान ने भी स्वीकार किया था।

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