BSP ने खेला यूपी में ब्राम्हण कार्ड, ‘सियासत वही अंदाज नया’

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के लिए बहुजन समाज पार्टी ने एक बार फिर से ब्राम्हण कार्ड खेला है, जिसके लिए बसपा 23 जुलाई यानी की आज से अयोध्या से अपना अभियान शुरू करने जा रही है

लखनऊ: यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के लिए बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने एक बार फिर से ब्राम्हण कार्ड खेला है। इस बार पार्टी ने इसे ब्राह्मण सम्मेलन की बजाए प्रबुद्ध वर्ग संवाद सुरक्षा सम्मान विचार गोष्ठी का नाम दिया है। यानी सियासत वही है, लेकिन अंदाज नया है।

यूपी में ब्राह्मण वोट बैंक को साधने के लिए के लिए प्रबुद्ध वर्ग संवाद सुरक्षा सम्मान विचार गोष्ठी के नाम से बसपा 23 जुलाई यानी की आज से अयोध्या (Ayodhya) से अपना अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत आज बसपा के महासचिव और राज्यसभा सांसद सतीश मिश्रा (Satish Mishra) कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। अयोध्या के बाद 24 व 25 जुलाई को अंबेडकरनगर, 26 को प्रयागराज, 27 को कौशांबी, 28 को प्रतापगढ़ और 29 को सुल्तानपुर में सम्मेलन होगा।

बसपा को उम्मीद है कि वर्तमान परिस्थितियों में ब्राह्मण समाज को साथ लाकर यूपी में में 2007 का इतिहास दुहराया जा सकता है लेकिन पार्टी की तरफ से इस बार एक बड़ा बदलाव किया गया है। इस बार पार्टी ने इसे ब्राह्मण सम्मेलन की बजाए प्रबुद्ध वर्ग संवाद सुरक्षा सम्मान विचार गोष्ठी का नाम दिया है। यानी सियासत वही है लेकिन अंदाज नया है। गौरतलब है कि बसपा ने 2007 में ब्राह्मण समाज को साथ लेकर सूबे की सियासत में पहली बार सोशल इंजीनियरिंग जैसी शब्दवली प्रचलित की थी जिसके परिणाम से यूपी में बसपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी थी।

ब्राह्मण वोट

बसपा प्रमुख मायावती ने यह कहा था मुझे पूरा भरोसा है कि अब ब्राह्मण समाज के लोग भाजपा (BJP) के किसी भी तरह के बहकावे में नहीं आएंगे। मुझे पूरी उम्मीद है कि ब्राह्मण अगले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को वोट नहीं देंगे। उन्होंने कहा था कि ब्राह्मण समाज को फिर से जागरूक करने के लिए 23 जुलाई से अयोध्या से एक अभियान शुरू किया जा रहा है।

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