बसपा सुप्रीमो मायावती: BSP ब्राह्मणों को निराश नहीं करेगी

3 जुलाई को बसपा  के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में शुरू हुई प्रबुद्ध वर्ग सम्मलेन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती  ने चुनावी शंखनाद किया

लखनऊ: 3 जुलाई को बसपा  के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में शुरू हुई प्रबुद्ध वर्ग सम्मलेन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती  ने चुनावी शंखनाद किया। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बीजेपी और अन्य विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा, मायावती ने कार्यकर्ताओं से हर विधानसभा क्षेत्र में एक हजार ब्राह्मण कार्यकर्ताओं को जोड़ने का भी टारगेट दिया और साथ ही उन्होंने 2007 की तरह ही 2022 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने युद्धस्तर पर जुटने का आह्वान किया।

जानें मायावती ने वादा किया

मायावती ने वादा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी अगर सत्ता में आती है तो ब्राह्मणों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी. मायावती ने कहा कि आज ब्राह्मण इस बात से सहमत है कि बसपा के शासन काल में ब्राह्मणों स्थिति आज के बीजेपी सरकार से कहीं ज्यादा बेहतर थी, आज एक बार फिर ब्राह्मण बसपा के साथ आ रहा है और हम 2022 में सरकार बनाने जा रहे हैं और मायावती ने कहा कि आज भी लोग बसपा के सुशासन को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज किसी के बहकावे में न आए. बसपा की सरकार बनते ही उन्हें सम्मान मिलेगा।

जानें मायावती ने दलित को लेकर क्या कहा

मायावती ने कहा कि दलित वर्ग के लोगों पर शुरू से गर्व रहा है कि उन्होंने बिना गुमराह और बहकावे में आए कठिन से कठिन दौर में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा और ये लोग मज़बूत चट्टान की तरह पार्टी के साथ खड़े रहे हैं। उम्मीद है कि BSP से जुड़े अन्य सभी वर्गों के लोग इनकी तरह आगे कभी गुमराह नहीं होंगे। बीएसपी देश की अकेली पार्टी है जिसकी कथनी और करनी में अंतर नहीं रहा है और यही बीएसपी की पहचान रही है। चार बार सरकार बनी, चला कर दिखाई है और सभी जाति का सम्मान और तरक्की पर पूरा ध्यान दिया है। हमने कभी हवा हवाई बात नहीं की और न ही जनता को छलने का काम किया है।

जानें मायावती ने कृषि कानून को लेकर क्या कहा है

मायावती ने अपने संबोधन के दौरान किसानों को भी साधा और उन्होंने कहा कि बसपा किसानों के साथ है। करीब एक साल से किसान आंदोलन कर रहे हैं और 500 से अधिक किसानों की मौत हो चुकी है, बसपा की सरकार बनने पर केंद्र द्वारा जबरदस्ती थोपे गए कृषि कानूनों को यूपी में लागू नहीं किया जाएगा।

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