महापंचायत पर बसपा सुप्रीमो का बयान, अखिलेश को दिलाई मुजफ्फरनगर की याद

लखनऊ: केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ किसान आंदोलन कई महीनों से चल रहा है। राकेश टिकैत के आने के बाद से ये आंदोलन काफी मजबूत होता गया। दिल्ली के बाद किसानों ने रविवार को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में महापंचायत की। महापंचायत में हुई भारी भरकम भीड़ को देखने के बाद विपक्षी दलों ने अब बीजेपी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

इसी कड़ी में बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने रविवार को मुजफ्फरनगर में हुई किसान महापंचायत का जिक्र करते हुए समाजावादी पार्टी और भाजपा पर बड़ा निशाना साधा है। मायावती ने सोमवार को ट्वीट कर समाजवादी पार्टी के शासन में मुजफ्फरनगर दंगों की याद दिलाई तो वही उन्होंने किसान पंचायत में दिखाई दिए हिन्दू-मुस्लिम साम्प्रदायिक सौहार्द की सराहना की।

ट्वीट में मायावती ने कहा कि यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में कल हुई किसानों की जबरदस्त महापंचायत में हिन्दू-मुस्लिम साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए भी प्रयास अति-सराहनीय। इससे निश्चय ही सन 2013 में सपा सरकार में हुए भीषण दंगों के गहरे जख्मों को भरने में थोड़ी मदद मिलेगी किन्तु यह बहुतों को असहज भी करेगी।

दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, किसान देश की शान हैं तथा हिन्दू-मुस्लिम भाईचारा के लिए मंच से साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए लगाए गए नारों से भाजपा की नफरत से बोयी हुई उनकी राजनीतिक जमीन खिसकती हुई दिखने लगी है तथा मुजफ्फरनगर ने कांग्रेस व सपा के दंगा-युक्त शासन की भी याद लोगों के मन में ताजा कर दी है।

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