चार साल में 67 हजार करोड़ से बढ़कर 1.10 लाख करोड़ हुआ शिक्षा का बजट

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नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को कहा कि बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय शिक्षा नीति का ‘जीरो ड्राफ्ट’ तैयार है और 2018 के अंत तक इसे लागू किया जाएगा। मंत्रालय के पिछले चार वर्षो की उपलब्धियों के बारे में मीडिया को संबोधित करते हुए जावड़ेकर ने कहा, इस नीति पर मसौदा तैयार है। हम इसे अंतिम रूप दे रहे हैं।

जावड़ेकर

जब एक पत्रकार ने जावड़ेकर से पूछा कि क्या यह नीति 2018 के अंत तक लागू हो जाएगी तो उन्होंने कहा, बिल्कुल। मंत्री ने कहा कि शैक्षणिक प्रणाली को मजबूत करने के लिए पिछले चार वर्षों में 33 नई पहलें की गई हैं।

उन्होंने कहा, मंत्रालय द्वारा क्रांतिकारी परिवर्तन किए गए हैं, क्योंकि यह सबको सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

जावड़ेकर ने इन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि सरकार आईआईएम और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों की स्वायत्तता को कम करने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा, इसके बजाय, हम उन्हें मजबूत करना चाहते हैं, क्योंकि हम उन्हें स्वायत्तता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनकी स्वायत्तता को कोई खतरा नहीं है। सवाल कानून में बदलाव लाने का है।

जावड़ेकर ने कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना को और अधिक फंड देकर मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि चार वर्षो में शिक्षा के लिए बजट 67,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,10,000 करोड़ रुपये किया गया है।

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