बुलंदशहर में दुष्कर्म पीड़िता का मामला पकड़ रहा तूल, मामले की जांच कर रहे दारोगा निलंबित

बुलंदशहर: प्रदेश में बच्चियों और महिलाओं पर हो रहे अत्याचार रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। पिछले कई दिनों से प्रदेश में महिला अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को गोंडा में सिस्टम की लापरवाही के चलते युवती ने आत्महत्या कर ली थी। तो वहीं बुलंदशहर में दुष्कर्म पीड़िता को न्याय ना मिलने से उसके आत्महत्या करने का मामला तूल पकड़ रहा है। हालांकि इस मामले की जांच कर रहे दारोगा को निलंबित कर दिया गया है। लेकिन अब सवाल यह है कि क्या निलंबन करने से पीड़िता को न्याय मिल जाएगा। क्या उसकी जिंदगी दोबारा वापस लौट आएगी। सवाल तमाम हैं लेकिन जवाब कोई नहीं हैं।

उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर के अनूपशहर इलाके में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता को न्याय नहीं मिलने से उसके आत्महत्या करने का मामला तूल पकड़ने लगा है। और इसकी जांच कर रहे दरोगा को निलंबित कर दिया गया है।

इस घटना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने प्रकरण की जांच कर रहे थे दरोगा विजय राठी को निलंबित कर अनूपशहर के प्रभारी निरीक्षक और पुलिस क्षेत्राधिकारी की भूमिका की जांच कराने के आदेश दिए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता ने जिस स्थान पर आत्महत्या की वहां से एक डेढ़ पेज का सुसाइड नोट मिला है।

सुसाइड नोट की राइटिंग की होगी जांच

उन्होंने कहा कि प्रभारी निरीक्षक और पुलिस क्षेत्राधिकारी की भूमिका की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक क्राइम को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच अधिकारी से अपनी जांच रिपोर्ट दो दिन में देने को कहा गया है। दूसरी ओर दुष्कर्म पीड़िता की आत्महत्या और सुसाइड नोट बरामद होने के मामले में मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज हुई है। जिसमें दुष्कर्म करने वाले युवक और उसके परिजनों को नामजद किया गया है।

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