बुराड़ी कांड: पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला 11 मौतों का राज, ऐसे गई सभी की जान

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राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश का दिल दहला देने वाले बुराड़ी कांड में पुलिस के सामने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार के सभी 11 सदस्यों की मौत फांसी लगाकर आत्महत्या करने से हुई है.

गौरतलब है कि रविवार सुबह बुराड़ी के संत नगर में  स्थित एक ही घर के अंदर परिवार के सभी 11 सदस्य मृत पाए गए थे. इनमें से 10 लोगों के शव फांसी के फंदे पर झूलते मिले थे, जबकि परिवार की सबसे बुजुर्ग महिला सदस्य 75 वर्षीय नारायणी की लाश फर्श पर पड़ी मिली थी.

घर के अंदर से मिले रजिस्टर में लिखी हैं अजीबोगरीब धार्मिक बातें

दिल्ली की क्राइम ब्रांच मामले के तह तक जाने की पूरी कोशिश कर रही है. लेकिन जैसे-जैसे केस के पन्ने पलट रहे है, मामला और भी उलझाने वाला दिख रहा है. दरअसल, पुलिस को घर के अंदर से इस तरह के कई नोट्स मिले हैं, जिन पर धार्मिक रहस्यमयी बातें लिखी हैं. पुलिस का कहना है कि इन नोट्स में लिखे वर्णन और मौत के तरीके में काफी समानता देखने को मिल रही है.

रजिस्टर में लिखी हैं मोक्ष की बातें

पुलिस सूत्रों की मानें तो रजिस्टर में अलौकिक शक्तियां, मोक्ष के लिए मौत ही एक द्वार व आत्मा का अध्यात्म से रिश्ता जैसी अजीबो गरीब बातें लिखी हुई हैं. वहीं रजिस्टर में कुछ लाइनें ऐसी लिखीं पाईं गयी हैं, जो इस केस की तरह ही मिली है. जैसे सभी का स्टूल से फांसी पर झूलना और खुद के हांथ-पांव बांधना और मुंह में कपड़ा डालना.

रजिस्टर में लिखी इन बातों के मुताबिक मिला घर

जांच टीम ने जब इन पन्नों को पलटा तो उसमें लिखा हुआ था कि ‘मोक्ष प्राप्त करना है तो जीवन को त्यागना होगा. जीवन को त्यागने के लिए मौत को गले लगाना होगा. मौत को गले लगाने में कष्ट होगा. कष्ट से छुटकारा पाना है तो आंखें बंद करनी होंगी. चौंकाने वाली बात तो यह कि घर के सारे मोबाइल और टैब मंदिर के पास एक पॉलिथीन में बंधे मिले. सभी साइलेंट मोड पर थे. लिखा है कि सभी को अपने-अपने हाथ-पैर खुद बांधने होंगे. हां, हाथ-पैर खोलने के लिए हम लोग एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं.

इस वजह से बुजर्ग महिला का फर्श पर मिला शव

रजिस्टर में यह भी लिखा गया है कि माताजी बहुत बुजुर्ग हैं. इसलिए वह साधना करने के लिए स्टूल पर नहीं चढ़ पाएंगी और ना ही बहुत ज्यादा समय तक उस पर खड़ी रह पाएंगी. ऐसे में उन्हें दूसरे कमरे में साधना करानी होगी. साधना के वक्त किसी के भी चेहरे पर तनाव या दुख नहीं दिखना चाहिए.

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