प्रति मिनट 13 मौतों का कारण बन रहा जीवाश्म ईंधन का जलना, दहक रही जलवायु परिवर्तन की

नई दिल्ली: कोविड से उबरने के लिए WHO ने किये जलवायु कार्रवाई के दस आह्वान, बड़ी स्वास्थ्य आपदा को टालने के लिए वैश्विक स्वास्थ्य कार्यबल ने किया वैश्विक कार्रवाई का आग्रह किया। यदि देशों को COVID-19 महामारी से स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल रूप से उबरना है, तो उन्हें महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं को निर्धारित करना चाहिए।

ऐसे में, संयुक्त राष्ट्र के ग्लासगो में होने वाले जलवायु महासम्मेलन के पहले डब्ल्यूएचओ COP26 जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य पर कल जारी हुई विशेष रिपोर्ट जलवायु और स्वास्थ्य के बीच संबंध स्थापित करने वाले अनुसंधान के आधार पर जलवायु कार्रवाई के लिए वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय की रणनीति का वर्णन करती है।

रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ टेड्रोस एडनॉम घेब्येयियस कहते हैं, “कोविड-19 महामारी ने मनुष्यों, जानवरों और हमारे पर्यावरण के बीच घनिष्ठ और नाजुक संबंधों पर प्रकाश डाला है। जो अस्थिर विकल्प हमारे ग्रह को मार रहे हैं, वही लोगों को मार रहे हैं।

डब्ल्यूएचओ सभी देशों से ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए COP26 पर निर्णायक कार्रवाई करने का आह्वान करता है – सिर्फ इसलिए नहीं कि यह करना सही है, बल्कि इसलिए कि यह हमारे अपने हित में है। डब्ल्यूएचओ की नई रिपोर्ट लोगों के स्वास्थ्य और हमें बनाए रखने वाले ग्रह की सुरक्षा के लिए 10 प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालती है।”

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट उस वक़्त आई है जब एक खुले पत्र के रूप में वैश्विक स्वास्थ्य कार्यबल के दो तिहाई से अधिक सदस्य संस्थाओं के हस्ताक्षर हैं। इस पत्र के माध्यम से दुनिया भर में कम से कम 45 मिलियन डॉक्टरों और स्वास्थ्य पेशेवरों का प्रतिनिधित्व करने वाले 300 संगठन, राष्ट्रीय नेताओं और COP26 देश के प्रतिनिधिमंडलों से जलवायु कार्यवाई को बढ़ाने के लिए कहते हैं।

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