जीएसटी (GST) के नए प्रावधानों से ईमानदार व्यापारियों का धंधा खतरे में

केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी को लेकर पिछले सप्ताह जारी एक नोटिफिकेशन के प्रावधानों पर व्यापारियों ने नाराजगी जताई है।

भिवानी, केंद्र सरकार (Central government) की ओर से जीएसटी (Goods and services Tax) को लेकर पिछले सप्ताह जारी एक नोटिफिकेशन के प्रावधानों पर व्यापारियों ने नाराजगी जताई है।

नगर व्यापार मंडल (City trade board) के प्रधान भानु प्रकाश शर्मा के अनुसार पहले से ही नकदी का सामना कर रहे व्यापारियों का इससे और संकट बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि इन प्रावधानों में एक महीने में 50 लाख रुपये से अधिक की बिक्री करने वाले व्यापारी को उसके पास उपलब्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input tax credit) के 99 पर्सेंट की लिमिट तय कर दी गई है। अब सप्लायर की ओर से इनवॉयस न जमा करने पर उपलब्ध क्रेडिट के क्लेम को 10 पर्सेंट से घटाकर 5 पर्सेंट कर दिया गया है।

जीएसटी के नए संशोधन के तहत ई-वे बिल की वैधता में की गई कटौती

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही नियमों के तहत ई-वे बिल की वैधता की अवधि घटा दी गई है। पहले एक दिन में यह 100 किलोमीटर तक वैध था, जिसे अब बढ़ा कर 200 किलोमीटर कर दिया गया है। इससे ई- वे बिल की वैधता की अवधि घट गई है। पहले यदि 600 किलोमीटर दूर माल भेजना था तो जीएसटी का ई- वे बिल छह दिन के लिए वैलिड होता था। अब यह तीन दिन के लिए ही वैलिड है।

शर्मा के अनुसार वैश्विक महामारी के इस दौर में छोटे और मंझोले कारोबारी (Small and medium business) पहले ही बड़े नुकसान का सामना कर रहे हैं और लाखों कारोबारियों के लिए व्यापार में बने रहना भी लगातार मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद जीएसटी काउंसिल (GST Council) नियमों को और सख्त बनाकर सरकार ईमानदार व्यापारियों के लिए हालात मुश्किल कर रही है।

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