थाने से अदालत तक लगा दिया जोर, पर पहचान नहीं कर पाई वो

Rape victimएटा। उत्तर प्रदेश में एक दुष्कर्म पीड़िता ने गुनहगार को सजा दिलाने के लिए थाने से लेकर अदालत तक अपना जोर लगा दिया। लेकिन अदालत में गवाही के समय जब गुनहगार को पहचानने के लिए कहा गया, तो उसने बताया कि अंधेरा होने के कारण वह दुष्कर्मी का चेहरा ठीक से देख नहीं पाई थी। इस पर अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया।

मामला जसरथपुर थाना क्षेत्र का है। थानाक्षेत्र के गांव निवासी विवाहिता ने 18 अप्रैल 2010 को शाम के समय दुष्कर्म किए जाने को लेकर गांव के रमेश पुत्र राजेश्वर यादव को आरोपी बताया। जब जसरथपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो उसने अदालत में परिवाद पेश किया। इस पर संज्ञान लेने के बाद मजिस्ट्रेट ने मामला जिला अदालत में भेज दिया।

अदालत में जब मामला गवाह व सबूत पर पहुंचा तो पीड़िता आरोपी को पहचानने से इनकार कर बैठी। अन्य गवाहों ने भी घटनास्थल से भागते देखे गए आरोपी के रमेश होने से इनकार कर दिया। न्यायाधीश विजय चंद्र यादव ने सबूत के अभाव में दुष्कर्म के आरोपी को बरी कर दिया।

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