कॉल मनी रैकेट: फंसी फैमिली ने नहर में कूदकर दी जान

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चित्तूर (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में एक परिवार के चार लोगों ने कॉल मनी रैकेट के शिकंजे में फंसने के बाद खुदकुशी कर ली। सुसाइड करने से पहले इस फैमिली ने मंदिर में दर्शन किए और पास की नहर के किनारे फोटो लिए। बाद में इसी नहर में कूदकर जान दे दी। आंध्र प्रदेश में फोन करके लोन लेने और फिर इस रैकेट के चक्कर में फंसने के हाल ही में कई मामले सामने आए हैं। इस पर विधानसभा में हंगामा भी हो चुका है। सीएम चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी के कुछ लोगों पर भी इस रैकेट में शामिल होने का आरोप है।

कौन थी सुसाइड करने वाली फैमिली?
36 साल के शिव कुमार, 30 साल की पत्नी लीलावती, 8 साल का बेटा नवीन और 6 साल की बेटी काव्या। गुरुवार सुबह शिव कुमार फैमिली के साथ चित्तूर जिले में अपने गांव के मंदिर गए। वहां दर्शन किया। मंदिर से यह फैमिली पास ही एक नहर पर पहुंची। वहां इन लोगों ने फैमिली फोटोग्राफ लिए। कुछ देर बाद सबने इसी नहर में छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली। चश्मदीद का कहना है कि इस फैमिली को बचाने के लिए कुछ लोगों ने बहुत कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए। शाम को चारों की लाशें बरामद कर ली गईं।

सुसाइड नोट भी छोड़ा
शिव कुमार ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। इस नोट में कहा गया है कि कर्ज का पैसा नहीं चुका पाने की वजह से कुछ लोग उन्हें परेशान कर रहे थे। इस वजह से उन्हें सुसाइड करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

क्या है कॉल मनी रैकेट और कैसे हुआ खुलासा?
आंध्र प्रदेश में पिछले महीने एक महिला ने पुलिस में इसकी शिकायत की। महिला ने बताया कि उसने डेढ़ लाख रुपए का लोन लिया था और अब उसे 6 लाख रुपए चुकाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आरोप है कि कुछ लोग बहुत अधिक इंटरेस्ट रेट पर लोन देते हैं। बताया जा रहा है कि इंटरेस्ट रेट 120 से 200 पर्सेंट तक होते हैं। जो लोग लोन और इंटरेस्ट नहीं चुका पाते हैं, उनको रैकेट में शामिल लोग ब्लैकमेल करते हैं। लोन लेने वाली महिलाओं को सेक्शुअली टॉर्चर भी किया जाता है। खास बात यह है कि यह लोन फोन करने पर भी मिल जाते हैं। इसलिए इसे कॉल मनी रैकेट कहा जा रहा है। लोन लेने वालों को एफिडेविट भी देना होता है। लोन देने वाला कभी भी फोन करके अपना पैसा वापस मांग सकता है।  अगर लोन लेने वाला इसे नहीं चुका पाता है, तो उसकी जिंदगी और प्रॉपर्टी खतरे में पड़ जाती है। आंध्र प्रदेश के कई जिलों में यह रैकेट काम कर रहा है। माना जा रहा है कि इसमें कई नेता और ब्यूरोक्रेट भी शामिल हो सकते हैं।

अब तक क्या हुई कार्रवाई?
कॉल मनी रैकेट चलाने वाले तीन लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है। चार लोग फरार हैं। टीडीपी के एक नेता को भी गिरफ्तार किया गया है।
सीएम चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने मामलों की जांच के लिए ज्यूडिशियल कमेटी बना दी है।

एक महिला के घर पर कब्जा, तबीयत खराब होने से मौत
एक महिला ने कॉल मनी रैकेट के लोगों पर घर छीनने का आरोप लगाया। उसे तबीयत खराब होने पर हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, महिला ने 1.20 लाख रुपए लोन लिए थे। इसका ब्याज भी वह चुका रही थी, लेकिन लोन देने वाले उससे कोरे कागजों पर सिग्नेचर करने को कह रहे थे। हैरानी की बात यह है कि महिला ने जिस आदमी से लोन लिया था, वह पुलिसवाला है।

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