सावधानTik Tok, UC browser समेत ये एप इकट्ठा कर रहे भारतीय यूजर्स का डेटा

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नई दिल्ली: भारत में एप्स का बड़ी संख्या में इस्तेमाल होता है। अब एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये चीनी एप कंज्यूमर्स का बहुत का डेटा चोरी कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 10 में 6 चीनी एप्स यूजर्स के डेटा की मांग कर रहे हैं। ये रिपोर्ट एक इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी फर्म द्वारा स्वतंत्र रूप से कई गई है। यूजर्स के स्मार्टफोन में मौजूद हेलो और शेयरइट जैसे चर्चित एप यहां तक की यूसी ब्राउजर तक, यूजर्स से उनके कैमरा और माइक्रोफोन का एक्सेस मांग रहे हैं,जो जरूरी नहीं है।

इस बारे में बात करते हुए पुणे के Arrka Consulting के सह संस्थापक संदीप राव ने बताया कि चीनी एप्स द्वारा मांगी जा रही परमिशन विश्व के 50 प्रसिद्ध गैर चीनी एप्स द्वारा मांगी जा रही परमिशन से लगभग 45 फीसदी ज्यादा है। इस शोध में हेलो, टिकटॉक, यूसी ब्राउजर, वीगो वीडियो, ब्यूटी प्लस, कल्ब फैक्ट्री, न्यूज डॉग, यूसी न्यूज और वीमेट को शामिल किया गया है।

रिपोर्ट में बताया गया है ये एप भारत के बाहर थर्ड पार्टी से भी डेटा शेयर करते हैं। एप्स द्वारा मांगी जा रही विभिन्न परमिशन में कॉन्टैक्ट, कैमरा, माइक्रोफोन, सेंसर, लोकेशन और टेक्स मैसेज तक शामिल हैं। सोशल प्लेटफॉर्म टिकटॉक और यूसी ब्राउजर- जो अलीबाबा ग्रुप का हिस्सा हैं- इनके पास करोड़ों भारतीयों का डेटा है। यूसी ब्राउजर का इस्तेमाल दुनियाभर में लगभग 43 करोड़ लोग करते हैं, जबकि सिर्फ भारत में ही इसके 13 करोड़ यूजर्स हैं।

शोध में पाया गया है कि ये एप्स लगभग 7 बाहरी कंपनियों को डेटा ट्रांसफर करते हैं, जिसमें से 67 फीसदी डेटा यूएस में ट्रांसफर किया जाता है। टिकटॉक यूजर्स के डेटा को चाइना टेलीकॉम को ट्रांसफर करता है, वीगो वीडियो डेटा को टेनसेंट को, ब्यूटी प्लस Meitum, QQ और यूसी ब्राउजर अपना डेटा अलीबाबा को ट्रांसफर करता है। राव ने बताया कि इनमें से ज्यादातर एजेंसी विज्ञापन और एनालिटिक्स संस्थान हैं। लेकिन हमें ये नहीं पता कि वे इस डेटा का इस्तेमाल किस काम में करती हैं।

 

 

 

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