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सावधान! इन नए लक्षणों को न करें नज़र अंदाज़, Corona संक्रमित हो सकते हैं आप

नई दिल्ली: Corona वायरस ने जिस तरह से देश में दोबारा विकराल रूप लिया है हर कोई इससे बेहद डरा हुआ है. लेकिन इस समय पर डरने से जयादा जरुरी सावधानियां बरतना है. पिछले साल आये Corona वायरस के मामले एकाएक कम हो गए थे. जन जीवन वापस पटरी पर आ रहा था, लेकिन Corona की दूसरी स्ट्रेन ने देशभर को हिला दिया. शोध करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की इस दूसरी स्ट्रेन में 95 परसेंट लोग तो ऐसे हैं जिनमें लक्षण दिख ही नहीं रहे. जिससे कोरोना संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है.

वहीँ दूसरी तरफ बुखार-झुखाम को लोग साधारण बीमारी समझ अनदेखा कर रहे हैं. जो संक्रमण के फैलाव की मुख्य वजह है. ऐसे में सवाल है कि कोरोना वायरस के सटीक लक्ष्ण क्या हैं? हमारे शरीर में ऐसे कौन से बदलाव हैं जिन्हें गंभीरता से लेना चाहिए? हमें कोरोना टेस्ट के लिए कब जाना चाहिए? ऐसे सवालों के जवाब के लिए जानते हैं कि आखिर विशेषज्ञों का इसपर क्या कहना है.

क्यों बढ़ रहे हैं कोरोना संक्रमण के मामले ?

बहुत से लोग हैं जिनमे कोरोना संक्रमण का असर नहीं दिख रहा ऐसे में जन्म से उनकी एमुनिटी स्ट्रोंग मानी जा रही है. उनमें Corona संक्रमण के असर नहीं दिखते पर  कुछ लोगों में सामान्य सर्दी, खांसी और बुखार जैसे लक्षण कोरोना संक्रमण के लक्षण हो सकते हैं. कुछ लोग ऐसे लक्षण मिलने पर सही इलाज की बजाय इसे नजर अंदाज करते हैं. कुछ लोग Virus की गंभीरता और इसी जैसी दूसरी बीमारियों के बीच के अंतर पर हेल्थ एक्सपर्ट्स के दावों को खारिज कर देते हैं. ये तीनों ही वजह मौजूदा वक्त में Covid 19 के बढ़ते मामलों की वजह हैं. हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स ने Virus के लक्षणों के बारे में बताया है. इस तरह लोग Covid टेस्टिंग करवाने से लेकर आइसोलेशन और उपचार की जानकारी ले सकते हैं.

आंखो का लाल होना

व्यवहारिक तौर पर हमारी आंखो का लाल होना, उनका सूजन, आँखों में खुजली या आंखो से पानी आने की वजह ऑय एलर्जी या संक्रमण को माना जाता है. हम इन लक्षणों को बुखार या सिरदर्द से होने वाली आम आंख की बीमारी समझकर अनदेखा कर देते हैं. लेकिन विशेषज्ञों ने बताया है कि सिरदर्द जैसी छोटी बीमारियों के साथ होने वाली लाल आंखे Covid-19 के संक्रमण की वजह से हो सकती है. इसलिये ऐसे लक्षण होने पर तुरंत Corona टेस्ट करवाएं.

भूलने की प्रवृत्ति

कई साइंटिस्ट्स रिसर्च से पता चला है कि Corona Virus सिर्फ फेफड़ों पर असर नहीं डालता बल्कि शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है. वास्तव में, दिमाक पर भी Corona वायरस के नेगटिव इम्पैक्ट के मामले सामने आए हैं. ध्यान में कमी, भूलने की प्रवृत्ति, चिंता और कंसेंट्रेशन में कमी जैसे लक्षण खतरे की घंटी हैं. एक्सपर्ट्स ऐसे लक्षणों की शुरुआत होने पर सावधानी बरतने की सलाह देते हैं.

भूख में कमी

चीन में Covid संक्रमण के शुरुआती मरीजों में से 48 परसेंट में पेट की अलग-अलग बीमारियों के लक्षण देखे गए. डायरिया, पेट दर्द, जी मिचलाना, गैस की परेशानी और भूख कम लगना गंभीर लक्षण हो सकते हैं. भविष्य के जोखिमों से बचने के लिए शुरुआत में ही जाँच और उसका उपचार करवाना बेहतर है.

थकान लगना

घर या दफ्तर में काम के बोझ के कारण थकावट महसूस होना स्वाभाविक है और एक-दो दिन में हमारी ये थकान मिट भी जाती है. लेकिन अत्यधिक थकान और लगातार सुस्ती किसी गंभीर समस्या का इशारा हो सकती है. विशेषज्ञों की मानें तो इन संकेतों को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द डॉक्टरी सलाह के साथ परीक्षण करवाएं. कई मरीजों ने संक्रमण के दौरान ही नहीं बल्कि ठीक होने के कई महीनों बाद भी अत्यधिक थकान की शिकायत की है. इसलिये विशेषज्ञ की सलाह का पालन करें और सही इलाज लें.इसके अलावा तेज बुखार, लगातार सूखी खांसी का रहना, सीने में जकड़न और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण कोरोना संक्रमण का इशारा हो सकते हैं.

लक्षण होने पर कराएं जांच!

Antibody टेस्ट से पता चलता है कि आप Corona Virus से संक्रमित हुए थे. ब्लड टेस्ट से शरीर में Antibody का पता चलता है. किसी व्यक्ति के Corona Virus होने पर उसकी रोग प्रतिरोधक प्रणाली Antibody बनाती है.

कोरोना से संक्रमित लोगो से पता चल रहे लक्षणों को नजरअंदाज करने से बेहतर है कि आप ये सोचकर चलें कि आप कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. जिसके बाद आपकी सावधानी आपकी और आपके आस-पास के लोगों का Covid से बचाव कर सकती है. एक्सपर्ट्स की राय है कि लक्षण दिखने पर घबराने और सीधे Covid Test करवाने की बजाय पहले डॉक्टर के पास जाकर परामर्श लेना बेहतर होगा.

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