सावधान! 27 जुलाई चंद्र ग्रहण पर आ सकती है प्राकृतिक आपदाएं

दुनिया संसार में निरंतर बदलाव होते रहते हैं। इन बदलावों के साथ हमें बहुत सी चीज़ें देखने को भी मिलती है। हर साल दुनिया में सूर्यग्रहण तथा चंद्रग्रहण भी लगता है जिसका तरह-तरह का प्रभाव देखने को मिलता है। साल 2018 का चंद्रग्रहण इस माह 27 जुलाई को लगने जा रहा हगे जिसे ‘सूतक’ का सही समय भी बताया जा रहा है। ज्योतिषों के अनुसार इस माह आषाढ़ मास की शुक्ल की पूर्णिमा को चंद्रग्रहण लग रहा है।

सावधान! 27 जुलाई चंद्र ग्रहण पर आ सकती है प्राकृतिक आपदाएं

ज्योतिषाचार्य के मुताबिक इस बार चंद्रग्रहण पर अत्यंत खास संयोग बन रहा है, क्यूंकि ग्रहण के अगले ही दिन पवित्र सावन मास शुरू हो रहा है। बात करें ग्रहण की तो चंद्रग्रहण रात्रि 11 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगा जिसकी समाप्ति रात्रि 3 बजकर 5 मिनट पर होगी। जानकारों के अनुसार यह चंद्रग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा।

21वीं सदी का सबसे लंबा खग्रास चंद्र ग्रहण के शुरू होने से अंत होने तक करीब 4 घंटे का रहेगा। ग्रहण पर ज्योतिषियों की भविष्यवाणी डराने वाली है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि भारत के साथ ही कई अन्य देशों पर भी 27 जुलाई को पड़ने वाले चंद्र ग्रहण का बुरा प्रभाव हो सकता है। उन्होंने बताया कि जब भी सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण एक ही महीने में होते हैं, तो प्राकृतिक आपदाएं आती हैं।

ग्रहण से भूकंप, चक्रवात, ज्वालामुखी व सुनामी की आशंका के अलावा उपग्रहों और विमानों में खराबी आने की आशंका भी बढ़ जाती है। इससे पहले 26 जुलाई 1953 को सबसे लंबा चंद्र ग्रहण पड़ा था। यह बीसवीं सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण था। इस दौरान ग्रीस में भीषण भूकंप आया था।

27 जुलाई का यह चंद्र ग्रहण प्राकृतिक आपदाएं ला सकता है, इसीलिए थोडा सचेत रहने की आवश्यकता है।

Related Articles