सावधान! एक लिंक से हो सकते है आप कंगाल, Whatsapp भी बना हथियार

लखनऊ: साइबर अपराधियों ने बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा में सेंधमारी कर दी है। एक लिंक पर क्लिक करने से आपके खाते में जमा रकम चंद मिनट में पार हो सकती है। साइबर अपराधी लोगों का भरोसा जीतने के लिए खुद को सैन्यकर्मी होने का झांसा देते हैं। ठग स्कीमर (डाटा चोरी करने की डिवाइस) का इस्तेमाल एटीएम के कार्ड रीडर स्लॉट में लगाकर डाटा चोरी में करते हैं। शोल्डर सर्फिंग के माध्यम से ठग आपको मदद का झांसा देते हैं और फिर आपका कार्ड बदल लेते हैं।

जालसाज एटीएम में डिेन कैमरे लगाते हैं। इसके माध्यम लोगों के एटीएम कार्ड की जानकारी और पिन कोड चोरी कर लिया जाता है। एटीएम में कीबोर्ड पर साइबर अपराधी फर्जी कीबोर्ड चिपका देते हैं, जिसपर कार्ड की सारी जानकारी चस्पा हो जाती है।

मर्चेंट/प्वाइंट ऑफ सेल के माध्यम से स्वैपिंग मशीन में एटीएम कार्ड डालने के दौरान ठग मैगनेटिक स्ट्रीप का प्रयोग कर डाटा चोरी कर लेते हैं। फिशिंग के माध्यम से लोगों को स्पैम ई-मेल कर गोपनीय डाटा चोरी की जाती है।

जालसाज अब क्यू आर कोड (क्विक रिस्पांस कोड) के लिंक के जरिए बैंक खाते हैक करने लगे हैं। ठग ओएलएक्स और फ्लिपकार्ट समेत अन्य वेबसाइट पर खरीदारी करने वाले लोगों को झांसे में ले रहे हैं। इसके बाद लोगों के वाट्सएप नंबर पर एक लिंक भेजते हैं। जैसे ही लोग उस लिंक पर क्लिक करते हैं, ठग लोगों के मोबाइल फोन का क्यूआर कोड स्कैन कर खाते में रकम पार कर दे रहे हैं। खुद को बैंककर्मी बताकर लोगों को फोन कर उनसे खाते की जानकारी लेकर ठगी का सिलसिला शुरू हुआ था। इसके बाद ठग हाइटेक हुए और उन्होंने कार्ड क्लोनिंग तक शुरू कर दिया। अब एटीएम कार्ड लोगों की जेब में रहता है और रकम निकाल ली जाती है।

Related Articles